पिथौरागढ़। नगर के लोग आए दिन जल संकट से जूझ रहे हैं। अब अराजक तत्वों ने आंवलाघाट योजना के दौला टैंक के चार गेट वाॅल्व तोड़ दिए हैं। इस कारण दौला, मखौलीगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप हो गई है। क्षेत्र की छह हजार से अधिक की आबादी को पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जल संस्थान की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दौला, मखौलीगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए दौला में पेयजल टैंक बनाया गया है। आंवलाघाट योजना से इस टैंक में पानी पहुंचता है। बीते बुधवार की रात को अराजक तत्वों से दौला टैंक से सप्लाई लाइन के चारों गेट वाॅल्व तोड़ डाले। जब बृहस्पतिवार सुबह जल संस्थान के कर्मी पानी चालू करने पहुंचे तो घटना का पता चला। गेट वाॅल्व टूटने से पानी बर्बाद हो गया और टैंक सूख गया।
घरों में पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों पर लाइन लगाने के लिए मजबूर हुए। घटना का पता चलने पर जल संस्थान ने मामले में अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि दौला में गेट वॉल्व तोड़ने की जानकारी मिली है। अराजक तत्वों की खोजबीन शुरू कर दी गई है। जल्द ही इनका पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं जल संस्थान के मुताबिक गेट वॉल्व बदलने में समय लग सकता है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए इंतजार करना होगा।
आधे नगर को नहीं मिला पानी
चंडाक सब स्टेशन में कैपेसिटर बैंक स्थापित करने से बीते बुधवार को छह घंटे बिजली कटौती की गई थी। ऐसे में आंवलाघाट पंपिंग योजना में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से पंप नहीं चले और पानी लिफ्ट नहीं हो सका। देर शाम को बिजली आपूर्ति सुचारु तो हुई लेकिन रात में पर्याप्त पानी नगर के टैंकों में नहीं पहुंचा। ऐसे में बृहस्पतिवार को नगर के पुरानी बाजार, टकाना, जगदंबा कालोनी, पितरौटा, पांडेगांव सहित कई हिस्सों में जलापूर्ति ठप रही। इस कारण 15 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत झेलनी पड़ी। लोगों ने प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर घर का काम चलाया।
कोट
दौला टैंक के चारों गेट वाॅल्व तोड़ दिए गए हैं। इसकी तहरीर पुलिस को दी गई है। गेट वाॅल्व टूटने से क्षेत्र में जलापूर्ति ठप है। शीघ्र नए गेट वाॅल्व लगाकर जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। आंवलाघाट योजना से पर्याप्त पानी लिफ्ट न होने से नगर में भी जलापूर्ति प्रभावित हुई है। शीघ्र व्यवस्था पटरी पर आएगी। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़