मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बरसात नजदीक आने से आपदा प्रभावितों को रहने की चिंता सताने लगी है। आपदा से बेघर हुए कई आपदा प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर मकान बनाने के लिए राशि की दूसरी किश्त नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें निर्माणाधीन मकानों के ढहने का डर भी बना हुआ है। धापा गांव के 102 परिवार अब भी शासन से मदद की राह देख रहे हैं जबकि जोशा गांव के पांच परिवार स्कूल या टेंटों में रहने के लिए मजबूर हैं।
क्षेत्र के आपदा प्रभावितों को राहत नहीं मिल सकी है। धापा गांव के 156 परिवारों में से 102 परिवारों को 2011 की जनगणना के मानक के अनुसार मुआवजा नहीं मिल सका है। घर बनाने के लिए प्रशासन ने पीलोखान धार नामक स्थान पर मकान बनाने का सुझाव दिया है, लेकिन प्रभावित परिवारों को यह जगह सुरक्षित नहीं लग रही है। उनका कहना है कि प्रशासन ने जगह सुझाने के बाद उनकी कोई सुध नहीं ली है। हालांकि गांव के लगभग 10 परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर अपने घर बना लिए हैं।
आपदा प्रभावित गांव जोशा के 26 परिवारों को राहत राशि की एक किश्त मिल चुकी है। इनमें से लगभग 22 परिवारों के मकानों की छत तो पड़ गई है, लेकिन पांच परिवारों के मकानों में छत नहीं पड़ सकी है। जोशा के ग्राम प्रधान रोशन के मुताबिक प्रशासन से मुआवजे की दूसरी किश्त नहीं मिली है। इस कारण भवन निर्माण अधूरे हैं। प्रधान ने बताया कि अब भी इंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, हयात सिंह, जोहार सिंह के परिवार स्कूल या टेंटों में रह रहे हैं। इन परिवारों को अभी से चिंता सताने लगी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण मानसून जैसे हालात
मुनस्यारी। मानसून आने में अभी समय है लेकिन मुनस्यारी में एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण मानसून काल जैसे हालात बने हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में लोग बरसात और अंधड़ चलने से डरे, सहमे हैं।
सभी परिवारों को मुआवजे की पहली किश्त दी गई है। दूसरी किश्त की मांग शासन को भेजी गई है। सभी आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क किया गया है। आपदा प्रभावित परिवारों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। धापा के शेष रह गए 102 परिवारों की फाइल शासन को पहले ही भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही उनको भी मुआवजा दिया जाएगा। भदेली गांव के विस्थापन का मामला विचाराधीन है। - भगत सिंह फोनिया, एसडीएम, मुनस्यारी।