पिथौरागढ़। माइनस 10 डिग्री तापमान के बीच दारमा घाटी के सीपू गांव के करीब 25 लोग दुग्तू और बालिंग में फंसे हुए हैं। उनका राशन भी खत्म हो गया है। दुग्तू के ग्रामीण उन्हें खाना खिला रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच इन लोगों ने वीडियो जारी कर विधायक और जिला प्रशासन से हेलिकॉप्टर भेजकर उन्हें वहां से निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि तापमान में लगातार गिरावट से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
सीमांत के सीपू गांव में पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद ग्रामीण निचलेेेे क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं लेकिन कई जगह पैदल रास्ते ध्वस्त होने के कारण ये लोग दुग्तू और बालिंग में अपने मवेशियों के साथ फंसे हुए हैं। ग्रामीणों के समूह में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। इन लोगों ने कहा कि वहां तापमान माइनस 10 डिग्री से कम हो गया है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
चीन सीमा को जोड़ने वाला पैदल मार्ग एक हफ्ते से बंद
पिथौरागढ़/ मुनस्यारी। चीन सीमा को जोड़ने वाला मिलम-मुनस्यारी पैदल मार्ग पिछले एक हफ्ते से बंद है। एक सप्ताह पूर्व हुई भारी बारिश के कारण घोड़ालोटन और छिरकानी में पैदल रास्ता पूरी तरह बह गया था। स्यूणी में मुनस्यारी-मिलम सड़क का मलबा आने के कारण पैदल रास्ता चलने लायक नहीं रहा।
पैदल रास्ता बंद होने से चीन सीमा से लगे मार्छा, पांछू, मापा, गनघर, ल्वां, टोला, खिलाच, बुर्फू, बिल्जू, मिलम, रिलकोट, सुंतु गांव के लोगों को दिक्कत हो रही हैं। 300 से 350 लोग भेड़, घोड़े, खच्चर और अन्य मवेशियों के साथ माइग्रेशन पर गए हुए हैं।
अब इन गांवों के लोगों का निचले क्षेत्रों की ओर लौटने का समय है। लगातार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद इनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। रास्ते ध्वस्त होने के कारण वह अपने मवेशियों के साथ निचले क्षेत्रों को नहीं लौट पा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की भी दिक्कतें बढ़ी
पिथौरागढ़। मुनस्यारी- मिलम पैदल रास्ते के बंद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की भी दिक्कतें बढ़ गईं हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों को जाने वाले जवानों को भी खासी दिक्कतें हो रहीं हैं। मिलम पैदल मार्ग के बंद होने से इस तरह आवाजाही कर रहे हैं लोग।