पिथौरागढ़। ऑल वेदर सड़क में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के ट्रीटमेंट की उम्मीद जग गई है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कार्पोरेशन ने सर्वे कार्य पूरा कर दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर बनाने की कार्य भी शुरू कर दिया गया है। डीपीआर को सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार से स्वीकृति के मिलने के बाद भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा।
150 किमी लंबी पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर सड़क में कई भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं जिसमें हर वक्त दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। मानसून काल में इन भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भूस्खलन होने से सड़क कई जगह बंद हो जाती है। इस कारण पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में हफ्तों तक आवश्यक सामान नहीं मिल पाता है।
इन स्थानों का किया सर्वे
पिथौरागढ़। टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कार्पोरेशन ने सिंगदा में दो स्थान के बाद घाट बैंड, दिल्ली बैंड, चुपकोट बैंड, पीएनएफ स्कूल एंचोली, हनुमान मंदिर, धमौड़ सहित कई अन्य भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का सर्वे किया है।
ऑल वेदर सड़क में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट किया जाना है। अभी डीपीआर बनाई जा रही है जिसके बाद उसे स्वीकृति के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
बीएल चौधरी, सहायक अभियंता, एनएच पिथौरागढ़।