इस वर्ष भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल आदि कैलाश जाने वाले यात्री गुंजी से ज्योलिंगकांग तक चमचमाती सड़क पर सफर करेंगे। बीआरओ ने 36 किलोमीटर लंबी इस सड़क को पक्का कर दिया है।
धारचूला से ज्योलिंगकांग की दूरी लगभग 110 किलोमीटर है। इसमें धारचूला से गुंजी 74 किलोमीटर जबकि गुंजी से ज्योलिंगकांग की दूरी 36 किमी है। पहले इस सड़क के अधिकांश हिस्से के कच्चा होने से वाहन संचालन में परेशानी होती थी। कई स्थानों पर दुर्घटना का खतरा भी रहता था। अब बीआरओ की 65 आरसीसी ने गुंजी से ज्योलिंगकांग तक 3.75 मीटर चौड़ी सड़क को पक्का कर दिया है। सड़क मार्ग पर स्थित नदी नालों पर पांच वैली ब्रिज भी बनाए गए हैं। इससे गुंजी-नाबि-कुटी-ज्योलिंगकांग का सफर आसान होगा। नजंग से छियालेख और गर्ब्यांग से गुंजी तक सड़क में सुधार की जरूरत है।
बलुवाकोट से तवाघाट तक का सफर भी शीघ्र होगा आसान
गुंजी-कालापानी सड़क का भी शीघ्र होगा सुधार
गुंजी से ओम पर्वत कैलाश मानसरोवर जाने वाले मार्ग का भी शीघ्र सुधार होगा। चीन सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क को लिपुलेख तक साल 2018 में बना दिया गया था। आदि कैलाश के दर्शनों के लिए आने वाले पर्यटक ओ पर्वत और कालापानी भी जाते हैं। यह सड़क अभी कच्ची है। बीआरओ शीघ्र ही इस सड़क का सुधार करेगा। मिली जानकारी के अनुसार इस पर कार्यवाही चल रही है।
50 हजार से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद
नवंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश
तवाघाट- गुंजी- कालापानी तक 58 किलोमीटर चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। बीआरओ के अधिकारियों ने नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश सारथी सड़क निर्माण कंपनी को दिया है। बीआरओ के हीरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एसपी कोलिपे विशिष्ट सेवा मेडल ने बताया कि नवंबर 2026 तक 204 करोड़ रुपये की लागत से 58 किलोमीटर लंबी सड़क पर सात स्टील गार्डर पुल के साथ ही सड़क चौड़ीकरण और सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।