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एक दिन में आसानी से ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के बाद वापस लौट सकते हैं पर्यटक

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पिथौरागढ़। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने तवाघाट से नाभीढांग तक सड़क सुधार दी है। अब आदि कैलाश, पार्वती कुंड, कालापानी, ओम पर्वत के एक ही दिन में दर्शन कर श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से धारचूला लौट सकते हैं। सड़क सुधरने के बाद पर्यटक, श्रद्धालु, व्लॉगर, यू-ट्यूबर बाइक से इन स्थानों तक पहुंच रहे हैं।
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बीआरओ ने कई चुनौतियों से पार पाते हुएवर्ष 2019 में सामरिक और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट-नाभीढांग की कच्ची सड़क बना दी थी लेकिन संकरी होने के कारण इस पर आवाजाही कठिन थी। पर्यटकों को कई संघर्षों के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचना पड़ रहा था। करीब तीन साल की कवायद के बाद बीआरओ ने माइनस 30 से 40 डिग्री में कार्य कर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यातायात सुगम बना दिया है। वहां बने कई बेली ब्रिज के समानांतर पक्के पुल बनाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर पक्के पुल बन भी चुके हैं। सोलिंग, डामरीकरण, चौड़ीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सर्वाधिक दुर्गम बूंदी और मालपा में बेली ब्रिज का निर्माण किया गया है। सबसे दुर्गम चढ़ाई छिलालेख में 4.5 किमी से अधिक लंबी सड़क का डामरीकरण हो चुका है। कई जगह सड़क डेढ़ लेन बनी है। गर्ब्यांग में सोलिंग कर सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। कुछ समय बाद गर्ब्यांग से गुंजी तक डामरीकरण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद यातायात और अधिक सुगम हो जाएगा।
आदि कैलाश यात्रा रूट में भी सुगम हुआ यातायात
पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा रूट पर डामरीकरण, सोलिंग, नाली निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है। गुंजी से नाभी गांव के बीच डामरीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में यातायात सुगम होने से उन्हें और सुरक्षा एजेंसियों को आसानी हो रही है।
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पर्यटकों के लिए हैं बेहतर सुविधाएं
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने पर्यटकों के लिए होम स्टे की सुविधा है। नाभी गांव और गुंजी गांव, कुटी में पर्यटकों के लिए बहुत सुंदर व्यवस्था है। होम स्टे में पर्यटकों की सुविधा के लिए 24 घंटे गर्म पानी, कपड़े, चाय, स्वादिष्ट खाना उपलब्ध है।
तवाघाट-नाभीढांग और गुंजी-आदि कैलाश (ज्योलिंगकांग) सड़क पर यातायात सुगम हो गया है। यातायात के सुगम होने से पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। अवशेष कार्य को भी बीआरओ तेज गति से पूरा करा रहा है। - सनम नबियाल, ग्राम प्रधान नाभी।
विपरीत परिस्थितियों के बाद भी बीआरओ ने तवाघाट-गुंजी और गुंजी-आदि कैलाश सड़क सुधार दी है। सड़क के बेहतर बनने के बाद सीमांत में पर्यटन गतिविधियां बढ़ रहीं हैं। इसका लाभ कई स्थानीय लोगों को मिलने लगा है। - संजय गुंज्याल, ग्राम प्रधान गुंजी।
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