पिथौरागढ़ में सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस निकालते वंचित राज्य आंदोलनकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन को जगाने के लिए मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंदोलनकारियों की अनदेखी की जा रही है, जबकि राज्य की लड़ाई में कई लोगों ने अपना अहम योगदान दिया। इसके बावजूद आज तक आंदोलनकारी का दर्जा पाने को दरदर भटक रहे हैं।
सोमवार की शाम को वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट के नेतृत्व में वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने पुस्तकालय परिसर में स्थित शहीद स्मारक में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने वंचित राज्य आंदोलनकारियों को आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग उठाई। इसके बाद वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने शहीद स्मारक से नगर पालिका तिराहा और सिमलगैर बाजार से गांधी चौक तक मशाल जुलूस निकाला। वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने कहा उन्होंने राज्य की लड़ाई में अपना योगदान दिया। मगर अभिलेखों के नष्ट हो जाने के कारण उन्हें आज तक आंदोलनकारी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से अखबारों में छपी खबरों को मानक मानकर और पूर्व में चिह्नित दो आंदोलनकारियों की पुष्टि के बाद वंचितों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग की। इस दौरान समिति अध्यक्ष उमा पांडेय, केंद्रीय प्रवक्ता किशोर पाठक, उपाध्यक्ष पवन पाटनी, भगवान बल्लभ पंत, गोविंद बोरा, सुरेश कसनियाल, सुरेश बजरंगी, जगदीश जोशी, त्रिभुवन जोशी आदि थे।