डीडीहाट में टैंकर से बंटता पानी।
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डीडीहाट नगर को पानी देने वाले सात प्राकृतिक स्रोतों में से दो स्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। शेष पांच स्रोतों में भी पानी की भारी कमी हो गई है। इससे नगर क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है। जल संस्थान टैंकरों के माध्यम से पानी बंटवा रहा है।
डीडीहाट नगर की 15 हजार की आबादी को भनड़ा, घिमाली और लेकमाल के सात प्राकृतिक स्रोतों से पानी की सप्लाई होती हैं। गर्मी बढ़ने से लेकमाल के दो प्राकृतिक स्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। भनड़ा और घिमाली के पांच स्रोतों में भी पानी कम हो गया है। जल संस्थान एक टैंकर और एक प्राइवेट पिकप से नगर में पानी बांट रहा है, परंतु सड़क से दूर स्थित मोहल्लों में वाहनों से पानी की सप्लाई संभव नहीं है। मोहल्लों में पानी का संकट गहराता जा रहा है।
लोग सुबह से शाम तक पानी के ही इंतजाम में लगे रहे हैं। गरमी बढ़ी तो पानी का संकट और गहरा जाएगा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विलाल यूनूस ने बताया कि नगर को रोजाना 1.6 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है, परंतु वर्तमान में सात प्राकृतिक स्रोतों से 0.6 एमएलडी पानी ही प्राप्त हो रहा है, जिससे नगर में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
कांग्रेस ने अतिरिक्त टैंकर लगाने की मांग की
डीडीहाट। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र बोरा ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को दिए ज्ञापन में नगर में पानी की कमी को दूर करने के लिए और टैंकर लगाने की मांग की है। कहा है कि सड़क से दूर के मोहल्लों को घोड़ों के जरिए पानी की आपूर्ति की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैंडपंपों को सही करने को कहा है।