पिथौरागढ़ में प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण करते डीएम।
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सरकारी स्कूलों में नौनिहालों के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ हो रहा है। स्कूलों में आपदा प्रबंधन कार्ययोजना लागू नहीं हो पाई है। लापरवाही का आलम यह है कि फर्स्ट एड किट में एस्पायर दवाएं रखी गई हैं। डीएम की छापेमारी में सरकारी स्कूलों की अव्यवस्थाओं की पोल खुली है। स्कूलों में अव्यवस्थाओं से नाराज डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है।
बुधवार को डीएम ने सबसे पहले टकाना प्राथमिक स्कूल में छापा मारा। इस स्कूल के निरीक्षण में खामियों की भरमार मिली। यहां फर्स्ट एड किट में एक्सपायर डेट की दवा मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। इस स्कूल के परिसर में गंदगी का आलम था। शिक्षक बायोमेट्रिक प्रणाली पर उपस्थिति दर्ज करते नहीं मिले। इससे नाराज डीएम ने मौके पर ही सीईओ को ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। मिड डे मील के संचालन में भी अनियमतितता पकड़ी गई। योजना की सामग्री का इस्तेमाल न कर स्टोर में रखा गया था। वहीं, लाख हिदायत के बाद भी स्कूल में आपदा प्रबंधन कार्ययोजना नहीं मिली।
दूसरी ओर जूनियर हाइस्कूल ऐंचोली के निरीक्षण में निशुल्क पाठ्य पुस्तकों के खाते नहीं मिले। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी छात्रों के खाते खोलने के निर्देश दिए। डीएम के निरीक्षण में स्कूल में पठन-पाठन की भी पोल खुली। डीएम ने स्कूली बच्चों से सामान्य ज्ञान के कुुछ सवाल पूछे, लेकिन नौनिहाल उत्तर नहीं दे पाए। स्कूलों में अव्यवस्थाओें पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और सीईओ से इस पर जवाब मांगा है। आंगनबाड़ी केंद्र टकाना के निरीक्षण में बाहरी खाद्य सामग्री मिलने पर डीएम उखड़ गए। उन्होंने नौनिहालों को पोषाहार ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सस्ता गल्ला दुकान को नोटिस
डीएम ने टकाना स्थित राजेंद्र सिंह की सस्ता गल्ला दुकान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान रेट लिस्ट नहीं मिली। स्टॉक पंजिका और गोदाम में भिन्नता पाई गई। इससे नाराज डीएम ने विक्रेता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। छापेमारी के दौरान सीईओ डॉ वीपी सिमल्टी और डीएसओ मनोज वर्मन आदि थे।