धारचूला के विधायक हरीश धामी के नेतृत्व में रविवार को मदकोट से शुरू हुई ‘सीमांत बचाओ, देश बचाओ’ यात्रा का बुधवार को समापन हो गया। 111 किमी लंबी इस यात्रा का पिथौरागढ़ पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कलक्ट्रेट में सभा करने के बाद यात्रा संपन्न हुई।
धारचूला विधानसभा क्षेत्र को विकास प्राधिकरण से बाहर करने, ओम पर्वत आदि कैलाश को सातवें धाम का दर्जा देने, पंडित नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान को स्वायत्त संस्था का दर्जा देने, धारचूला में स्वीकृत सड़कों, पुलों का निर्माण करने, सीमांत को संचार नेटवर्क से जोड़ने, आपदा प्रभावितों का पुनर्वास करने, आपदा प्रभावितों को वर्ष 2013 की तर्ज पर मुआवजा देने, बरम पॉलीटेक्निक कॉलेज का भवन निर्माण, भूमि का अधिकार, तटबंधों का निर्माण और सीमांत के विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर मदकोट से शुरू हुई यात्रा बुधवार सुबह जाजरदेवल से पिथौरागढ़ को बढ़ी।
इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सिल्थाम, रोडवेज बस स्टेशन और टकाना होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद कलक्ट्रेट परिसर में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए विधायक हरीश धामी ने कहा कि सीमांत में विकास कार्य रुके हुए हैं। प्राधिकरण लागू करने से लोग निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे हैं। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं रह गया है। देश के बड़े शिक्षण संस्थानों के छात्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
देश के हालात ठीक नहीं हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के संचालन में हुई सभा में विधायक रानीखेत करन माहरा, पूर्व विधायक मयूख महर, प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, प्रदेश महामंत्री जगत सिंह खाती, पूर्व जिपं अध्यक्ष प्रकाश जोशी, नरेश द्विवेदी, प्रदेश प्रवक्ता भुवन पांडेय, मनोज ओझा, पूर्व विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नंदा रावत, शकुंतला दताल, गोकर्ण जंगपांगी, ईश्वर कोरंगा, जगत महर, हरीश चिराल, महेश रावत आदि कांग्रेसी शामिल थे।