मुनस्यारी में पर्वतारोहण संस्थान की छत से भीतर झांकती रोशनी। संवाद
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के दावे कर महान सर्वेयर पंडित नैन सिंह के नाम से बने पर्वतारोहण संस्थान की छत शुभारंभ के छह महीने बाद ही ढह गई। पांच करोड़ रुपये से बने संस्थान की छत ढहने पर इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। हालात यह हैं कि छत बर्फ का भार भी सहन नहीं कर सकी।
मुनस्यारी में महान सर्वेयर पंडित नैन सिंह रावत के नाम पर पर्वतारोहण संस्थान को वर्ष 2016 में स्वीकृति मिली। तब इसे सर्वेयर स्व. रावत को सच्ची श्रद्धांजलि के साथ ही सीमांत जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया। यूपी निर्माण निगम को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। आठ साल बाद किसी तरह इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। छह महीने पूर्व खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसका शुभारंभ कर इसे जनता को समर्पित किया था।
उम्मीद थी कि इस संस्थान के अस्तित्व में आने से सीमांत जिले में साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा। एक ही बर्फबारी में सभी उम्मीद और दावे हवाई साबित हुए हैं। बीते दिनों संस्थान की छत बर्फ का भार सहन नहीं कर सकी और ढह गई। सिर्फ दो फुट बर्फ में छत का भरभराकर गिरना इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
क्षेत्र के लोगों ने की जांच की मांग
मुनस्यारी। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में हर साल बर्फबारी होती है। यहां होने वाली बर्फबारी पूरे देश के साथ ही पूरे विश्व में विशिष्ट पहचान रखती है। यहां बने पर्वतारोहण संस्थान की छत बर्फ में ढहने से कई सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोहर टोलिया, मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू ने कहा कि संस्थान को यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर बनाया गया है। इसके बाद भी हल्की बर्फबारी में छत ढह गई है। साफ है कि संस्थान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच करते हुए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोट
पर्वतारोहण संस्थान की छत ढहने का मामला संज्ञान में है। इसके कारणों की जांच होगी। इसमें लापरवाही सामने आई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़