बारिश से थल के मल्ला गोल गांव में एक मकान की छत भरभराकर गिर गई। छत से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से दंपति घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
थल में शुक्रवार रात बारिश हुई। सुबह चार बजे मल्लीगोल केजमनकोट तोक निवासी लछी राम के पाथर वाले मकान की छत ध्वस्त हो गई। घटना के समय सो रहे लछी राम एवं उसकी पत्नी जयंती देवी मलबे की चपेट में आने से बुरी तरह घायल हो गए। लछी राम का पुत्र कमलेश कुमार अपने दादा विशन राम के मकान में सोया था। छत टूटने की आवाज सुनकर वह दौड़कर मौके पर पहुंचा। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को मलबे से निकालकर डेढ़ किमी दूर सड़क तक पहुंचाया। जहां से खुशियों की सवारी से दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोचर लाया गया।
इस स्वास्थ्य केंद्र में दोनों को एक-एक गोली दर्द निवारक देकर जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्व उप निरीक्षक विपिन चंद्र पाठक और वंदना ने मौका मुआयना किया। गोल के प्रधान हयात सिंह ने पीड़ित गरीब परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया
मकान की छत के मलबे में दबकर घायल हुए दंपति को स्वास्थ्य केंद्र गोचर में इलाज के नाम पर केवल दो गोली दर्द निवारक देने से मल्ली गोल ग्रामवासी भड़क गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर गरीब जनता की सेहत से साथ खिलवाड़ करने आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। फार्मेसिस्ट ने अनुमति नहीं होने की बात कहकर घायलों को इंजेक्शन लगाने में असमर्थता जता दी। दो गोली दर्द निवारक देकर दोनों घायलों को रेफर कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में दानी राम, गोपाल राम, किशन राम, उमेश राम, शंकर राम,चंद्री राम, दीपक राम, महेश राम कमलेश राम शामिल थे।