पिथौरागढ़। नगर निगम का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। निगम ने आधे नगर के लोगों की आवाजाही के लिए बनी प्रमुख निराड़ा-कुमौड़-भदेलवाड़ा सड़क को पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदने की अनुमति तो जल संस्थान को दे दी। इसके सुधारीकरण के लिए किसी भी संस्थान ने बजट की व्यवस्था नहीं की है। इस लापरवाही के चलते एक साल से निराड़ा, कुमौड़, भदेलवाड़ा क्षेत्र की 10 हजार से अधिक आबादी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर है।
निराड़ा-कुमौड़-भदेलवाड़ा सड़क एक साल पूर्व पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई। इसके लिए डामर उखाड़ दिया गया। जल संस्थान ने पाइप लाइन भी बिछा दी और नगर निगम ने इसका सुधारीकरण करने से हाथ पीछे खींच लिए। खोदाई करने से जगह-जगह गड्ढे बन गए और पूरी सड़क मिट्टी से पट गई। मानसूनव काल में बारिश के बाद सड़क पर फैली मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों का इस पर राह चलना मुश्किल हो गया है। नगर निगम ने जल संस्थान को सड़क खोदने की अनुमति तो दे दी लेकिन इसके सुधारीकरण के लिए बजट की व्यवस्था नहीं की। अब नगर निगम अपनी जिम्मेदारी जल संस्थान पर डालकर शीघ्र बजट की मांग करने की बात कर रहा है।
ऐंचोली-निराड़ा सड़क पांच साल से बदहाल
ऐंचोली-निराड़ा सड़क पांच साल से बदहाल है। क्षेत्र के लोगों के आंदोलन के बाद सड़क पर सीसी कार्य शुरू हुआ। कुछ महीने पूर्व आधी सड़क पर सीसी कार्य कर जिम्मेदारी निभा दी गई। सड़क की बदहाली के चलते तीन महीने पूर्व दो वाहन खाई में गिर गए थे। कृष्णा प्रसाद, प्रकाश आर्या, कमल जोशी, निशा देवी, प्रिया देवी, रोहित सिंह, सोनू कुमार, अंजली सामंत, पूजा सामंत आदि ने कहा कि जल्द सड़क पर सीसी नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
पैदल रास्ते पर आवाजाही मुश्किल
निराड़ा से कुमौड़, भदेलवाड़ा को जाने वाला पैदल रास्ता पिछले पांच महीनों से बदहाल है। नगर निगम की ओर से पैदल रास्ते में सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। इसे अधूरा छोड़ दिया गया है। इस रास्ते से हर रोज विद्यार्थी भी आवाजाही करते हैं। जगह-जगह रास्ता क्षतिग्रस्त होने से सभी खतरे के बीच सफर कर रहे हैं।
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बोले लोग
दोनों सड़कें बदहाल हैं। कई बार सुधारीकरण की मांग के बाद भी नगर निगम और प्रशासन उचित कदम नहीं उठा रहा है। -आनंद प्रकाश, भदेलवाड़ा।
पैदल रास्ते और सड़कों की बदहाली के चलते क्षेत्र के लोग और विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। किसी को हमारी परेशानी नहीं दिख रही है। - लीला देवी, कुमौड़।
निराड़ा सड़क में जगह-जगह गड्ढे बने हैं। इससे खतरा बना हुआ है। हर रोज दोपहिया वाहन रपटकर चालक चोटिल हो रहे हैं। जल्द सड़क का सुधारीकरण नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे। - राम सिंह, निराड़ा।
मानूसन काल में भदेलवाड़ा से हनुमान मंदिर तक पूरी सड़क कीचड़ से पटी है। इस पर पैदल आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। कई बच्चे फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। - ममता देवी, भदेलवाड़ा।
कोट
कुमौड़-भदेलवाड़ा सड़क पर जल संस्थान ने सुधारीकरण के लिए बजट नहीं रखा। अब नगर निगम इस सड़क का सुधारीकरण करेगा। इसके लिए बजट का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़।