बंगाली पर्यटक सीजन अब समाप्ति की ओर है। यहां से पर्यटकों के दल लौटने लगे हैं। इस बार यहां पर पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा रही। सितंबर और अक्तूबर में तो यहां इतने ज्यादा पर्यटक आए कि उनके रहने का इंतजाम करना भी मुश्किल हो गया। एक आंकड़े के अनुसार दो महीने के भीतर यहां पर कम से कम 25 हजार पर्यटक पहुंचे थे। इनमें विदेशियों की संख्या भी अच्छी-खासी रही। मुनस्यारी में पर्यटकों के रहने के लिए 22 होम स्टे भी बने हैं। इसके अलावा केएमवीएन के पर्यटक आवासगृह, निजी होटलों में भी पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। अब यहां के होटल मालिकों ने भी ऑनलाइन बुकिंग शुरू करवा दी है।
होटल मालिकों का कहना है कि दिवाली के बाद भी यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। कुछ पर्यटक नए साल का जश्न मनाने के लिए भी यहां पहुंचते हैं। कुछ पर्यटक स्नो फॉल देखने की इच्छा से भी आते हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अक्सर दिसंबर में यहां पर हिमपात हो जाता है। इधर, होटल मालिकों का कहना है कि यदि मुनस्यारी में सुविधाओं का विस्तार हो जाए तो पर्यटन व्यवसाय और बढ़ सकता है।
थल-मुनस्यारी सड़क की हालत सुधारने, बिजली की सप्लाई में निरंतरता बनाए रखने और नगर में सफाई का बेहतर इंतजाम करने की जरूरत है। नंदादेवी टूर एंड ट्रैवल के संचालक वीरेंद्र बुग्याल ने बताया कि इस बार करीब एक हजार ट्रैकर नंदादेवी बेस कैंप और मिलम ग्लेशियर गए। ट्रैकिंग के प्रति लोगों का रुझान ज्यादा बढ़ा है।