चंपावत। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा करना जोखिम से कम नहीं है। पुरानी खटारा बसों का संचालन कर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रविवार को पिथौरागढ़ डिपो की देहरादून से झूलाघाट जा रही बस सुबह करीब पांच बजे खराब हो गई, इससे बस में सवार यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ डिपो की बस यूके 07पीए 4199 देहरादून से झूलाघाट की तरफ जा रही थी। इस दौरान चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डेंजर जोन स्वाला के समीप पहुंचते ही बस अचानक खराब हो गई। चालक, परिचालक ने बस को ठीक करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। बस में सवार 36 यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ इंतजार के बाद पीछे से आ रही पिथौरागढ़ और लोहाघाट जा रही बसों से यात्रियों को गंतव्य के लिए भेजा गया। बस में देहरादून से आ रहे बाराकोट निवासी हरीश तिवारी ने बताया कि बस जसपुर में भी एक घंटे तक खराब रही। बताया कि 34 सीटर बस में 36 यात्री सवार थे। बता दें कि शुक्रवार को भी पिथौरागढ़ जा रही टनकपुर डिपो की बस चंपावत रोडवेज स्टेशन पर पहुंचते ही खराब हो गई थी। पिथौरागढ़ डिपो के आरएम रविशेखर कापड़ी ने बताया कि बस में तकनीकी समस्या आ गई थी। यात्रियों को दूसरी बस से भेज दिया गया था।