थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के चौनीपातल में क्षतिग्रस्त नहर से निकला पानी अपने साथ पेड़ और भारी मात्रा में मलबा लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। इस कारण रविवार को थल-बेड़ीनाग एनएच बंद हो गया। बंद सड़क को छह घंटे बाद आवाजाही के लिए खोला जा सका। इस दौरान सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे रहे। मलबा आने के चलते थल-पांखू, थल-बागेश्वर और थल-हल्द्वानी मार्ग भी बाधित हो गया।
थल से 2 किलोमीटर दूर चौनीपातल के पास रविवार की पूर्वाह्न 11 बजे बरार विद्युत परियोजना की नहर टूट गई। पानी के वेग से दो फल्यांट के पेड़ धराशायी हो गए और मलबे के साथ सड़क पर आ गिरे। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप हो गया।
वाहनों की कतारों के बीच लोग छह घंटों तक फंसे रहे। सूचना पर पहुंच लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाने शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद शाम सवा पांच बजे सड़क खोली जा सकी। सड़क बंद होने से हल्द्वानी, बेड़ीनाग और पांखू से थल की ओर आने और जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को छह घंटे तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। दिल्ली, धारचूला को जाने वाली रोडवेज और मिर्थी को जाने वाली केमू की बस भी मार्ग में फंसी रही। इससे यात्री परेशान रहे।
मलबा हटाने के दौरान टूटे जेसीबी के नट-बोल्ट
सड़क बंद होने की सूचना पर लोनिवि बेड़ीनाग ने मौके पर जेसीबी मशीन भेजी लेकिन कार्य करते समय जेसीबी के नट-बोल्ट टूट गए। इससे सड़क खोलने में और व्यवधान आ गया। करीब एक घंटे मरम्मत के बाद मशीन ने काम करना शुरू किया। सवा पांच बजे सड़क पर आवाजाही शुरू हो पाई। थल की ओर से भी दूसरी जेसीबी मौके पर पहुंच।
चौनीपातल के पास माइक्रोहाइडल की बरार परियोजना की नहर में पानी अत्यधिक आने से नहर टूट गई और पानी के साथ पेड़, पत्थर, मलबा बहकर सड़क पर आ गए। बरड़ गधेरे में बने परियोजना के हेड से नहर में पानी बंद करवाने के बाद सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू हो सका।
- विनोद प्रकाश सिंह, अवर अभियंता लोनिवि, बेड़ीनाग खंड