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चीन और नेपाल सीमा से लगे सभी गांवों में जल्दी शुरू हो जाएगी संचार सेवाएं

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दारमा घाटी के ग्राम बोंगलिंग में लगा जिओ का मोबाइल टॉवर। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। चीन और नेपाल सीमा से लगे सभी गांव जल्दी संचार सेवाओं से जुड़ जाएंगे। इसके लिए प्रशासन मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने की अनुमति दे दी है। दोनों अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर संचार सुविधा शुरू होने से सीमांत के ग्रामीणों को नेपाली सिम का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। सीमांत में तैनात सेना और अर्द्धसेना बलों के जवानों को भी संचार सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
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जहां एक ओर फाइव जी फोन सेवा शुरू होने जा रही है वहीं दूसरी ओर दो देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थित पिथौरागढ़ जिले के कई सीमावर्ती गांव अभी संचार सेवा के मामले में काफी पिछड़े हैं। इसमें नेपाल सीमा पर पंचेश्वर से लेकर चीन सीमा पर स्थित व्यास, चौदास, दारमा घाटियों के गांव शामिल हैं। नेपाल सीमा से लगे अधिकतर इलाकों में नेपाल की कंपनियों के सिग्नल आने से कई लोग वर्षों से नेपाली सिम का इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यास और दारमा घाटी के गांव ऐसे दुर्गम क्षेत्र में स्थित हैं जहां केवल सेना या अर्द्धसेना के वायरलेस सेट या सेटेलाइट फोन ही आपात स्थिति में संचार का जरिया होते हैं। सीमांत के इलाकों में संचार सुविधाओं की सबसे बड़ी कमी कोरोना काल में खली जब घरों में आए लोग ऑनलाइन काम नहीं कर सके। सुरक्षा की दृष्टि से भी सीमांत में सूचना तंत्र मजबूत किया जाना जरूरी है। इसको देखते हुए अब चीन और नेपाल के संचार सुविधा से वंचित गांवों को संचार सुविधा से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इन सभी क्षेत्रों में रिलायंस जिओ के टावर लगाए जाएंगे। कुछ गांवों में संचार सेवा शुरू हो गई है जबकि अन्य गांवों में टावर लगाने का काम चल रहा है। धारचूला की तीनों घाटियों में कुल 18 जिओ के मोबाइल टावर लगाए जाने हैं। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से आदेश दे दिए गए हैं। इसी तरह मुनस्यारी के माइग्रेशन वाले गांवों के साथ ही काली नदी किनारे तल्लाबगड़ क्षेत्र में भी संचार सुविधा बेहतर बनाई जाएगी। दारमा घाटी के सेला बोंगलिंग, दर, रांथी में लगे टावर चालू हो चुके हैं। सीमांत में संचार सेवा बेहतर होने से स्थानीय जनता के साथ ही हजारों जवानों को भी लाभ मिल सकेगा।
इन गांवों में लगेंगे टावर
दारमा घाटी में
सीपू, तिदांग, गो, बोन, बालिंग, नागलिंग, सोबला,
व्यास घाटी में
कुटी, नाबी, गुंजी, नप्लच्यू, बुदी।
चौदास घाटी में
जिप्ती, सिर्खा टावर एक्टिव।
तहसील धारचूला में धारचूला, रांथी, दर, जिप्ती, सिर्खा में संचार शुरू हो गया है। ग्राम सोबला और ग्राम तिदांग में मोबाइल टावर का कार्य शुरू हो गया है यहां एक सप्ताह में संचार शुरू हो जाएगा। व्यास घाटी में मोबाइल टावर के लिए भूस्वामी से अनुबंध किया जा रहा है। इस वर्ष नवंबर तक 75 प्रतिशत गांव संचार से जुड़ जाएंगे। - प्रवीण शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक जिओ कंपनी, पिथौरागढ़।
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