गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पेड़ से गिरकर घायल किशोरी की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते जान चली गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने किशोरी को हायर सेंटर रेफर किया लेकिन हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही किशोरी ने दम तोड़ दिया।
बृहस्पतिवार को पव्वाधार कुनारू गांव के अर्जुन सिंह की 17 साल की बेटी अनामिका पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। परिजनों से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य गंगोलीहाट पहुंचाया, जहां डॉ. कविता जोशी ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते वक्त अनामिका ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अनामिका के मौत के तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग सोशल मीडिया और अन्य स्थानों पर शासन-प्रशासन से पूछ रहे हैं कि आखिर अनामिका की मौत का जिम्मेदार कौन है। अगर अनामिका को गंगोलीहाट में ही उपचार मिल जाता तो अनामिका की मौत नहीं होती।
अनामिका 20 से 25 फुट की ऊंचाई से गिरी थी। उसके मुंह में सूजन थी और आंख की पुतलियां रोशनी डालने पर भी प्रतिक्रिया नहीं कर रही थीं। ऑक्सीजन के साथ उपलब्ध उपचार दिया गया। जिस वक्त उसे अस्पताल लाया गया वह बेहोश पड़ी हुई थी। ब्रेन हेमरेज से जान जाने की आशंका है। - डॉ. कविता जोशी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट।