अंग्रेजी माध्यम के अटल उत्कृष्ट जीआईसी नाचनी में हिंदी माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि जब हिंदी माध्यम से पढ़ाई करानी थी तो विद्यालय को अटल उत्कृष्ट जीआईसी क्यों बनाया गया।
सोमवार को अभिभावक पिथौरागढ़ डीएम कार्यालय पहुंचे और डीएम रीना जोशी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में जीआईसी नाचनी को अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाया गया। विद्यालय में सीबीएसई प्रणाली से बच्चों को पढ़ाया जाना था लेकिन अब तक न विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई ना ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो पाई है। वर्तमान में बच्चों को हिंदी के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है जबकि बच्चों के पेपर अंग्रेजी में होंगे। इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
बताया कि विद्यालय में हिंदी माध्यम से पढ़ाने वाले आठ शिक्षकों के पद भी लंबे समय से खाली चल रहे हैं। इसमें प्रवक्ता संस्कृत, सहायक अध्यापक हिंदी के दो पद, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कला, सामाजिक विज्ञान, वरिष्ठ प्रशासनिक, अनुसेवक के दो पद, कार्यालय सहायक का एक पद, और स्वच्छक और चौकीदार का एक-एक पद खाली है।
पठन पाठन के अभाव में 340 छात्र संख्या वाले विद्यालय में 292 विद्यार्थी ही रह गए हैं। वर्ष 2022-23 का परीक्षाफल 35 प्रतिशत ही रहा। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। इस दौरान पीटीए अध्यक्ष पान सिंह कार्की, उपाध्यक्ष संजय कोश्यारी, एसएमसी अध्यक्ष नारायण सिंह, गंगा सिंह पिपलिया, मनोहर सिंह बथियाल, ललित मिश्रा, भरत सिंह कार्की, इंद्र सिंह बथियाल, दीपक ओझा आदि मौजूद रहे।
अभी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने वाले शिक्षकों के पेपर हो रहे हैं। जल्द ही नियुक्ति कर दी जाएगी। बच्चों के सामने पेपर के दौरान हिंदी और अंग्रेजी का विकल्प दिया जाएगा।
- एके जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।