पिथौरागढ़। पहाड़ से पलायन की एक मुख्य वजह बदहाल शिक्षा व्यवस्था भी है। स्कूल तो हैं लेकिन यहां पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। नतीजतन विद्यार्थियों को इन स्कूलों से निजी स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है या फिर उनके अभिभावक उन्हें पढ़ाने के लिए दूसरे शहरों में ले जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले के राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से 977 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1004 है। इन विद्यालयों में 14,918 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के 890 पद लंबे समय से रिक्त हैं। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत 2002 पद के सापेक्ष 1112 शिक्षक ही कार्यरत हैं।
जिले में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की संख्या 208 है। इन विद्यालयों में 3,262 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के 87 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत 637 पदों के सापेक्ष 550 पद पर शिक्षक कार्यरत है। लंबे समय से विद्यार्थी और अभिभावक सरकार से शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
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पिथौरागढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक तरुण कुमार पंत का कहना है कि जिले के राजकीय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर नये शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर रिक्त पदों पर नए शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।