पिथौरागढ़/बेड़ीनाग। उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के कर्मियों ने मानदेय में बढ़ोतरी सहित अपनी विभिन्न मांगों के लिए कार्य बहिष्कार किया। संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण कई पेयजल योजनाओं के पंप सुबह समय पर नहीं खुल सके। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूर्व चेतावनी के अनुसार बृहस्पतिवार को जल संस्थान के संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार पर रहने के कारण पंपों से पानी लिफ्ट नहीं हुआ। इस कारण नगर के विभिन्न क्षेत्रों में समय से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
हड़ताली संविदा कर्मियों ने अध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में जल संस्थान कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जल संस्थान में पिछले 20-25 वर्षों से संविदा श्रमिक कार्यरत हैं। सभी से 10 से 12 घंटे काम लेने के बावजूद मात्र सात से आठ हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
उन्होंने संविदा कर्मियों को विभाग के खाली पदों पर नियमित नियुक्ति, समान कार्य का समान वेतन, साप्ताहिक अवकाश का लाभ, न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपये करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनके साथ मंत्री अंबा दत्त पांडेय, प्रकाश कापड़ी, होशियार चंद, हरीश सिंह, दिनेश सिंह, हेम जोशी आदि ने प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के आह्वान पर बेड़ीनाग में भी पांच सूत्री मांगों के लिए बेमियादी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस मौके पर जीवन चंद, गोविंद डांगी, गोविंद धानिक, चारु पंत, हरीश चंद, रमेश चंद, बलवंत राम, प्रदीप कुमार आदि रहे।