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तवाघाट-लिपुलेख सड़क निर्माण में बर्फबारी की बाधा

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तवाघाट- लिपुलेख सड़क पर चल रहा डामरीकरण का कार्य। - फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन-नेपाल सीमा से सटी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट-लिपुलेख कैलाश मानसरोवर सड़क पर तवाघाट से गर्बाधार तक (19 किमी) पर 67 आरसीसी ग्रेफ चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य कर रही है। इसमें बर्फबारी बाधक बन रही है।
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पिछले दो साल में 67 आरसीसी ग्रेफ 19 किमी की सड़क का चौड़ीकरण और आठ किमी सड़क पर डामरीकरण कर चुकी है। बरसात के बाद ग्रेफ ने इस सड़क पर जनवरी से डामरीकरण कार्य फिर से शुरू किया लेकिन बर्फबारी होने से बीच-बीच में रुकावट आ रही है। मौसम संबंधी व्यवधान न आने पर विभाग के अधिकारियों ने शेष 11 किमी सड़क पर डामरीकरण कार्य चार महीने में पूरा करने का दावा किया है।
गर्बाधार से लिपुलेख तक सड़क चौड़ीकरण, सुधारीकरण कार्य से कोविड काल में 150 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। घर में ही रोजगार मिलने से लोगों को मामूली रोजगार के लिए पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ रहा है।
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गर्ब्यांग निवासी महिराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि 19 किमी लंबी सड़क बनने से आगामी बरसात में सड़क बंद नहीं होगी, जिससे तवाघाट से गर्बाधार और चौदास घाटी सहित लगभग 20 से अधिक गांवों के लोगों को मानसून काल में यातायात बाधित होने की समस्या नहीं होगी।
बीडीसी सदस्य कल्पना नबियाल ने बताया कि तवाघाट से गर्बाधार तक सड़क निर्माण तेजी से हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। सड़क निर्माण से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है।
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