सातशिलिंग-थल मार्ग पर लगातार दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही बंद रही। बीसाबजेड़ के पास टूटी चट्टानों को 50 घंटे बाद भी नहीं हटाया जा सका है, इस कारण थल, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, मुवानी, बुंगाछीना, देवलथल, पांखू, क्वीटी समेत आसपास के कस्बों से जिला मुख्यालय आने वालों को या तो देवलथल से कनालीछीना वाले मार्ग से जाना पड़ रहा है, या फिर वे थल से ही डीडीहाट के रास्ते निकल रहे हैं। इसमें लोगों का समय और धन दोनों खर्च हो रहा है। इस बीच पिछले 24 घंटे में बारिश की रफ्तार कम होने से जिले की अन्य सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। जिले का मैदानी इलाकों से संपर्क बना है।
बताया गया कि सातशिलिंग-थल मार्ग पर बीसाबजेड़ से थोड़ा आगे रविवार रात भारी चट्टान टूटकर गिर गई थी। इन चट्टानों को हटाने में दूसरे दिन भी कोई सफलता नहीं मिली। पिथौरागढ़ से थल की ओर जाने वाले वाहनों को कनालीछीना-देवलथल होकर जाना पड़ रहा है। दूरी ज्यादा होने के कारण लोगों की जेब कट रही है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि सड़क खोलने का काम तेजी से नहीं किया जा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने मंगलवार को सड़क बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी की जानकारी डीएम को दी। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क का लंबे समय तक बाधित होना ठीक नहीं है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीसाबजेड़ से देवलथल के बीच का पूरा इलाका संपर्क से कट गया है। रसैपाटा, अलगड़ा, देवलथल समेत अन्य स्थानों से वाहन जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। डीएम ने कहा कि सड़क यातायात बहाल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-4.8 एमएम
गंगोलीहाट-8.0 एमएम
बेड़ीनाग-4.6 एमएम
डीडीहाट-2.1 एमएम
मुनस्यारी-10.0 एमएम
धारचूला-4.2 एमएम