फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: सड़कें बंद, सिस्टम ध्वस्तः पहाड़ पर मौसम के बाद महंगाई की मार

Tue, 12 Sep 2023 10:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्र की बंद सड़क में खतरे के बीच गुजरता एक ग्रामीण। संवाद
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पहाड़ जितना सुंदर है यहां के लोगों का संघर्ष और दर्द उतना ही गहरा है। मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से यहां के लोगों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। हुक्मरान चुनकर सत्ता का आनंद लेते हैं और जनता को बेहाल छोड़ देते हैं। यही स्थिति इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में बंद सड़कों के कारण बनी हुई है। कई ग्रामीण सड़कें दो माह से बंद हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण प्रसव पीड़िता से लेकर बीमार बुजुर्गों को डोली से अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन

हम बात कर रहे हैं सीमांत जिले पिथौरागढ़ की मुनस्यारी के सबसे दुर्गम क्षेत्र ग्राम पंचायत तोमिक की। यहां की झापुली से तोमिक और गैला से तोमिक सड़क पिछले दो माह से बंद है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मंगलवार को गांव की दीपा देवी का स्वास्थ्य खराब हो गया। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों ने बदहाल रास्तों से डोली के सहारे जान हथेली पर रखकर उन्हें सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को वाहन से अस्पताल भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि हुक्मरानों और नेताओं को पहाड़ की सुंदरता को भाती है लेकिन उन्हें पहाड़ की समस्याएं नहीं दिखतीं।
विज्ञापन


दो अक्तूबर को करेंगे सत्याग्रह
पिथौरागढ़। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डीडीहाट विक्रम दानू का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क को खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने सड़क को शीघ्र नहीं खोलने पर दो अक्तूबर को मुनस्यारी तहसील में जनता को साथ लेकर सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इस संबंध में सीएम, कुमाऊं आयुक्त और एसडीएम को भी पत्र भेज दिया है। संवाद

जिले की 10 सड़कें मलबा आने से बंद
पिथौरागढ़। जिले की 10 सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हैं। इनमें कालिका-खुमती, छिरकिला-जम्कू, मदकोट-तोमिक, डोर-सैंणराथी, बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला, तवाघाट-ठानीधार, आदिचौरा-कुनिया, डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा, सोबला-दर तिदांग और देवदार-बारमों सड़क शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से 25,000 से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पांच से 15 किलोमीटर तक की दूरी पैदल ही तय करने के लिए मजबूर हैं। जरूरी सामान या तो घोड़ों-खच्चरों पर लादकर गांव तक पहुंचाया जा रहा है या लोग पीठ पर ढो रहे हैं। सड़क बंद होने से रसोई गैस सिलिंडर भी गांव तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। वाहन नहीं होने के कारण सिलिंडर का 200 रुपये से अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है। संवाद
कोट
तोमिक सड़क को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अगर सड़क खुल भी गई तो वाहनों का चलना मुश्किल है क्योंकि बरसात में काफी कीचड़ हो जाता है। वर्तमान में फेज टू का काम चल रहा है। 16 या 17 सितंबर तक सड़क को खोल दिया जाएगा। - किशन सिंह ऐरी, ईई, पीएमजीएसवाई धारचूला।
फोटो विवरण-12पीटीएच 09पी- मुनस्यारी तहसील के ग्राम पंचायत तोमिक के ग्रामीणों ने सड़क बंद होने से इस तरह आपदा में ध्वस्त पैदल रास्तों से बीमार को अस्पताल पहुंचाया। स्रोत : ग्रामीण

पहाड़कि पीड़ा... मरीज को छह किमी दूर मंच लाने में लग गए चार घंटे

सौराई से मंच तक सड़क न होने का खामियाजा भुगत रही 400 की आबादी
सौराई के बीमार किशोर को डोली से सड़क तक लाने के बाद जीप से पहुंचाया अस्पताल

संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के सौराई गांव के बीमार किशोर को छह किमी दूर सड़क तक लाने में चार घंटे लग गए। इसके बाद उसे जीप से अस्पताल ले जाया गया। करीब 400 की आबादी वाले सौराई गांव की ये त्रासदी सड़क नहीं होने से है।

चंपावत से 38 किमी दूर सौराई गांव तक सड़क नहीं है। मंगलवार सुबह सौराई गांव के पंकज सिंह (15) की पेट में एकाएक तेज दर्द हुआ। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से डोली के सहारे पंकज को छह किमी पैदल चलकर मंच गांव पहुंचाया। मेघनाद सिंह, बची सिंह, पुष्कर सिंह, कपिल सिंह, नवीन सिंह, मोहित सिंह, राहुल सिंह आदि की मदद से छह किमी के मार्ग को तय करने में चार घंटे लगे।
पूर्व ग्राम प्रधान दान सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मांग के बावजूद इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इधर लोनिवि के एई अनुपम राय का कहना है कि सौराई गांव को जोड़ने के लिए गोरखनाथ से रणकोचि सड़क की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है। सड़क के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

गांवों की सड़कें बंद होने से ढुलान पर हो रही जेब ढीली
सामान लाने के लिए 60 रुपये नग के हिसाब से देना पड़ रहा ढुलान
सोमवार से बंद हैं चंपावत जिले की 24 ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। दो दिन की भारी बारिश ने गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर मलबा आने से सोमवार से चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 24 सड़कें बंद हैं। छतकोट, कामाज्यूला सहित कई गांवों में खतरों के बीच एक से तीन किमी की दूरी तय कर आवाजाही को मजबूर होना पड़ रहा है। बंद सड़क का खामियाजा प्रति नग 60 रुपये के हिसाब से ढुलान के रूप में चुकाना पड़ रहा है। हालांकि अभी इन गांवों में खाद्य सामग्री का संकट नहीं है।

बाराकोट ब्लॉक की छह किमी लंबी कामाज्यूला-भनार सड़क सोमवार से बंद है। इससे जमाड़, फिरखोला, सालीखेत और भनार गांव के 600 की आबादी प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान उमेद सिंह अधिकारी का कहना है कि लोग अनाज से लेकर जरूरी सामान घोड़ों से ढुलान करने को मजबूर हैं। इसमें जोखिम के अलावा समय और मेहनत भी अधिक लग रही है।

बुजुर्गों के अलावा बीमार लोगों को लाने-ले जाने में भी दिक्कत हो रही है। बड़ौली के खिलानंद का कहना है कि धौन रोड-बड़ौली की सड़क बंद होने से गांवों की जीप फंस गई हैं। जीप के नहीं चलने से कामकाज पर असर पड़ा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि लोनिवि और पीएमजीएसवाई को बंद ग्रामीण सड़कों को खोलने के लिए कहा गया है।

चंपावत जिले की 24 ग्रामीण सड़क बंद

धौन-दियूरी, ज्योश्यूड़ा-निलौटी, धौन-दियूरी-बजौन, चल्थी-नौलापानी, सिप्टी-अमकड़िया, स्याला-पोथ, अमोड़ी-छतकोट, ललुवापानी-बनलेख, एसएच 29-खटोली मल्ली, खटोली मल्ली-वैला, चमदेवल-निडिल, चमदेवल जाख-गजीना, रीठाखाल-मनटांडे, पनियां-रीठाखाल, धूनाघाट-बरमतोड़ा, कामाज्यूला-भनार, बैड़ा-लवाकोट, उद्यूनढुंगा-कोठेरा, तिमलागूंठ-पीपलढींग, चिलियां-पुनोली, सिमलखेत-सिब्योली, टाकखंदक-बालातड़ी, रीठा साहिब-रमक और कुलियालगांव-साल सड़क।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें