पिथौरागढ़। जिले में मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। बंद सड़कें अब तक नहीं खुली हैं और कई सड़के और बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। धारचूला और मुनस्यारी में उफान पर आई नदियां पैदल और मोटर पुलों को बहाकर ले गईं हैं।
बारिश और लगातार गिर रहे मलबे की वजह से शनिवार से बंद पिथौरागढ़-घाट दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया। मौसम साफ रहने पर सोमवार शाम तक सड़क के यातायात के लिए खुलने की उम्मीद जगाई जा रही है।
पिथौरागढ़ जिले में शनिवार रात भी मूसलाधार बारिश का क्रम जारी रहा। लगातार बारिश से पहले से ही बंद चल रहे पिथौरागढ़ घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चुपकोट बैंड, दिल्ली बैंड और घाट चौकी के समीप समेत पांच स्थानों पर भारी मलबा आया है।
रविवार को भी दोपहर तक बारिश जारी रही। दोपहर एक बजे बाद बारिश रुकने के बाद सड़क खोलने का काम तेज कर दिया है। लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण सड़क खोलने के काम में बाधा आ रही है।
सड़क खोलने के लिए तीन पोकलैंड और पांच जेसीबी लगाई गई हैं। रविवार को सुबह के समय पिथौरागढ़ के लिए सेराघाट-थल रूट से वाहन संचालित हुए। शाम के समय सेराघाट-गणाई मोटर मार्ग में जोलियाखेत के पास चट्टानें टूटने से यह सड़क बंद हो गई।
इसके चलते एक बार फिर पिथौरागढ़ जिले का देश से संपर्क कट गया है। जेसीबी से बोल्डरों को हटाने का काम चल रहा है। इस मार्ग से घाट से पिथौरागढ़ पहुंचने तक वाहनों को 130 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
घाट-टनकपुर और घाट-अल्मोड़ा सड़कों के भी बंद होने से तमाम इलाके अलग-थलग पड़े हैं। सड़कों के बंद होने से कई स्थानों पर लोग फंसे हैं। पिथौरागढ़-कनालीछीना मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण रविवार को भी आधे दिन तक सड़क में यातायात ठप रहा।
दिन में मलबा हटाने के बाद वाहनों का संचालन शुरू हो सका। बारिश से धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में अधिक आपदा आई है। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया में बंद थी।
जिसे मलबा हटाने के बाद 40 घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए खोला जा सका। उधर मुनस्यारी के गायत्री मंदिर के पास मलबा आ गया था जिसे साफ कर दिया गया है। बारिश से क्षेत्रवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से झूलाघाट सड़क पर भी आया मलबा
पिथौरागढ़/ मूनाकोट। भारी बारिश से सल्ला-रोतगड़ा सड़क चार दिन से बंद पड़ी है। इससे सेल, सल्ला, मोरा, रौतगड़ा क्षेत्र में राशन और सब्जियों की किल्लत हो गयी है। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से जल्द सड़क को खोलने की मांग की है।
झूलाघाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग पर भी मुुनीमागाड़ और खरक्यूड़ा के पास मलबा आ गया। इससे कई घंटे यातायात बंद रहा। बाद में लोक निर्माण विभाग की जेसीबी ने सड़क को खोला। बारिश के बाद पोल गिरने से बीसाबजेड़ के आसपास शनिवार सुबह से बिजली नहीं है। क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज सौन ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बिजली बहाल करने की मांग की है।
झूलाघाट में भूस्खलन से सड़क को खतरा
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में ग्रामीण बैंक के सामने काली नदी के किनारे भूस्खलन से सड़क को खतरा हो गया है। सड़क के पास कई बड़े मकान भी हैं। अगर शीघ्र सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो सड़क के बाद इन बड़े मकानों को भी खतरा बढ़ जाएगा।
कई व्यापारिक फंडों को भी नुकसान। जिसमें डिगर देव गड़कोटी, धर्मानंद नरियाल देव सिंह कुंवर, संजय पंगरिया, रेवाधर जुकरिया की दुकानों को खतरा हो गया है।
बंगापानी तहसील में जारी है गोरी नदी का कहर
पिथौरागढ़। तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से बंगापानी तहसील में गोरी का कहर जारी है। गोरी नदी ने मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क के अधिकांश हिस्से को लील लिया है।
सेराघाट से टांगा, लोदी, दानीबगड़, बोना, गोल्फा एवं सेराघाट हिमालयन हाइड्रो पावर कारपोरेशन कंपनी का काम भी सड़क बंद होने से ठप हो गया है। सड़क लोदी बगड़, दानीबगड़ में जगह-जगह सड़क टूट चुकी है। जिसके कारण दर्जनों गाड़ियां फंसी हैं।
बंगापानी जाराजिबली सड़क खड़ीगाड़, बैकोट, जिबली, समालगांव, देवथल में पहाड़ खिसक जाने से बंगापानी से संपर्क कट गया है। बरम से आगे बंगापानी और मदकोट के भदेली तक सड़क के जगह जगह बह जाने से जल्दी यातायात बहाल होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में पूरे क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं की गंभीर किल्लत पैदा होने के आसार हैं।
झरना उफान पर आने से आरसीसी पुल बहा
पिथौरागढ़। धारचूला के कनज्योति के पास ऊपरी पहाड़ी से बहने वाले झरना के उफान पर आने से कनज्योति में पक्का आरसीसी पुल शनिवार रात बह गया है। इससे मल्ला दारमा, तल्ला दारमा और चौदास घाटी के 35 से अधिक छोटे- बड़े गांवों का संपर्क टूट गया है।
इन गांवों के लोगों को एक माह से अधिक समय तक यातायात सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा। वर्ष 2013 की भीषण आपदा में कनज्योति और सोबला ग्राम पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। काली और धौली नदी का जल स्तर कुछ कम तो हुआ है लेकिन अभी भी नदी का भयावह बेग बना हुआ है।
मल्ला जोहार में कई पैदल पुल बहे
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के मल्ला जोहार में मापांग पैदल मार्ग बुगडियार, लास्पा एवं सुरिंगगाड़, धपुवा में शनिवार की रात हुई भारी बारिश से कई पैदल पुल बह गए हैं। इसके चलते रोजमर्रा की सामग्री की किल्लत होने की संभावना है। मापांग एवं रानामैन सिंह में भूस्खलन होने से पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। भारी वर्षा एवं भूस्खलन की वजह से जगत सिंह, गोवर्धन सिंह, सुंदर सिंह, श्याम सिंह के घोड़े खच्चर की मलबे की चपेट में आकर गिरने से मौत हो गई है।
मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू ने कहा कि मल्ला जोहार के लिए लास्पा में अब तक राशन नहीं पहुंचा है और न माइग्रेशन पर पशुपालन एवं मेडिकल टीम पहुंची है। उन्होंने एडीएम को अवगत कराते हुए कहा है कि शीघ्र रास्ते पुलिया दुरुस्त करने एवं खाद्यान्न आपूर्ति बहाल कराने का आग्रह किया है। उपजिलाधिकारी ने लोनिवि, पशुपालन, एवं खाद्य आपूर्ति विभागों को मल्ला जोहार की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश कर दिए हैं।
पीने के पानी के लिए तरसे आपदा प्रभावित ग्रामीण
मुनस्यारी। आपदा प्रभावित लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कुछ गांवों में लोग बारिश का पानी पी रहे हैं तो कुछ गांवों के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नयाबस्ती, मटेना, मालोपाती, धापा, सेविला, जोशा, घोरपट्टा के कुछ इलाके शामिल हैं। गांव के लोग एक किमी से तीन किमी दूर से पानी ला रहे हैं।
जबकि जिलाधिकारी ने पेयजल किल्लत न हो इसके लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। पूर्व प्रधान बर्नियागांव मोहन दोसाद का कहना है कि इतनी भारी आपदा के बाद भी जल संस्थान के अधिकारी मुख्यालय में नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से आपदा काल में अधिकारियों को क्षेत्र में ही रुकने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
काली को टॉर्च लगाकर देखते रहे लोग
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भारी बारिश से महाकाली नदी उफान पर है। प्रशासन की और से अलर्ट किए जाने और छिरकिला डैम का पानी छोड़ने के कारण झूलाघाट के लोग रातभर टॉर्च लगाकर नदी की ओर देखते रहे।
रात में नदी पुल से तीन मीटर नीचे तक बह रही थी। सुबह होते-होते नदी फिर से घट गई। काली नदी के किनारे दीपक भट्ट के मकान के नींव में भूस्खलन से मकान को खतरा हो गया है। राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया ने प्रभावित परिवार से वैकल्पिक सुरक्षा केंद्रों में रहने को कहा है।
भारी बारिश से मकानों को खतरा
पिथौरागढ़/मूनाकोट। जिला मुख्यालय में पांडेगांव क्षेत्र के पाटा में भारी बारिश से तीन मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भाजपा जिला महामंत्री गोलू पाठक ने बताया कि विवेकानंद कॉलोनी में पाटा में बारिश के बाद भूस्खलन हो गया है। उन्होंने प्रशासन को समस्या से अवगत कराया। यहां पर पूरन पटवारी, पूरन चंद्र पाठक, जगदीश तिवारी, गोविंद पंत के मकान खतरे की जद में हैं।
हुड़ेती क्षेत्र में बारिश के बाद गांव के रास्ते में पानी भर गया है। इससे लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। यूथ प्रदेश प्रवक्ता दीपक तिवारी ने पालिका से शीघ्र समस्या का समाधान करने की मांग की है। दौला में शनिवार को दीपा नगरकोटी की एक गौशाला की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। घर में दीवार से पानी अंदर आ रहा है। कनालीछीना के सिरोली में किशन राम के मकान को भारी बारिश के बाद खतरा हो गया है।
राजस्व उपनिरीक्षक सुनीता बाफिला ने मकान का निरीक्षण किया। बजेटी में कई घरों की छतों के टपकने से घरों में पानी घुस गया है। चारपाई, टीवी और जरूरी सामान को बचाने के लिए उसे दूसरों के घर में रखना पड़ा। गांव के लोगों के फोन पर पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार पंकज चंदोला ने प्रभावितों के घरों का निरीक्षण किया।
गांव वालों की मांग पर सड़क का मलबा हटाने और दीवार निर्माण की बात कही है। जिस पर उन्होंने सहमति जताकर शीघ्र ही समस्या समाधान की बात कही है। उधर ग्राम प्रधान राकेश सिंह घटाल ने बताया सल्ला ग्रामसभा के दुआ में जगत सिंह, मन्याचूरा में प्रकाश सिंह, चैखिल में हरीश चंद, धौलचुशा में प्रेम राम, देवफला में भीम चंद, तरागढ़ा में होशियार सिंह, देवथला में मीरा देवी ओर राजेंद्र चंद, सल्ला में विक्रम सिंह के आंगन और घर के पीछे की दीवार गिर गई है। नुकसान की सूचना क्षेत्र के पटवारी को दे दी है।