गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। राज्य बनने के 23 साल के बाद भी बेलपट्टी क्षेत्र और अन्य कई गांवों में सड़क नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
मणकनाली से सुरखाल पाठक तक 12 किमी सड़क बनाने की मांग के लिए चमलेख, कोलिया, गानुरा, बहेलकोट, गंतोला, अनरगांव, तल्ला खोलिया, मल्ला खोलिया आदि गांवों के ग्रामीणों ने तीन साल पहले छह महीने तक क्रमिक अनशन और दो सप्ताह तक आमरण अनशन किया था। यहां तक कि ग्रामीणों ने सड़क में कटने वाली अपनी नाप भूमि का मुआवजा तक नहीं लेने का अनापत्ति प्रमाणपत्र लोनिवि और शासन को भेजा है लेकिन सड़क नहीं बन पा रही है। अब गुस्साए ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया है। सड़क नहीं होने के कारण 10,000 से अधिक की आबादी प्रभावित है।
विभाग और शासन की उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक सिर्फ पांच किमी सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। लोनिवि के अनुसार वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर बैठक हुई है।
बनेला गांव के प्रधान गोपाल सिंह, प्रधान दीपा देवी, शंकर सिंह, निर्मला देवी, केसर सिंह, राजेंद्र सिंह पुष्कर सिंह, जगत सिंह आदि का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग व्यक्तियों को डोली में लाना ले-जाना पड़ता है। जरूरी सामान भी पीठ या सिर पर ढोना पड़ता है। शादी-विवाह, मांगलिक एवं सामाजिक कार्यों को निभाना कठिन होता है। स्थिति यह है कि मेहमानदारी निभाने में घर के अन्य काम छोड़ने पड़ते हैं।