पिथौरागढ़ पहुंचा कैलास यात्रियों का तीसरा दल
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे तीसरे यात्री दल का यहां पर्यटक आवासगृह में भव्य स्वागत किया गया। यात्री रविवार सुबह यहां से दिल्ली को रवाना हुए। 39 सदस्यों वाले इस दल ने टीआरसी परिसर स्थित मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण किया। टीआरसी के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी हर यात्री दल के सदस्यों से पौधरोपण कराते हैं।
यात्रा दल के लायजन आफीसर एसएस बोनाल ने बताया कि सभी यात्रियों ने शानदार तरीके से कैलास पर्वत के दर्शन किए और मानसरोवर झील में स्नान किया। उन्होंने कहा कि तिब्बत में यात्रियों की सुविधा में तेजी से विस्तार हो रहा है, जो कमियां नजर आ रही हैं, उनमें सुधार के लिए विदेश मंत्रालय को लिखा जाएगा। श्री बोनाल ने कहा कि आईटीबीपी और केएमवीएन यात्रियों की काफी मदद करती हैं। सभी स्थानों पर यात्रियों को सुविधा देने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। कैलास यात्रियों का यह दल शनिवार रात यहां पहुंचा। रविवार सुबह दन्या, जागेश्वर होते हुए दिल्ली के लिए लौट गया है।
टीआरसी में यात्रियों का स्वागत करते समय पद्म सिंह, अजय धामी, राजेश सिंह, नारायणदत्त जोशी, हर सिंह आदि थे। कैलास यात्रियों के तीन दल यात्रा पूरी कर लौट चुके हैं, जबकि चार दल इस समय यात्रा मार्ग पर हैं। इस बार कुल 18 दल कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।
छठे दल का एक यात्री नाभीढांग से लौटा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे छठे दल के यात्री दिल्ली निवासी 46 वर्षीय ऐश कुमार की तबियत नाभीढांग में बिगड़ गई। उसने आगे की यात्रा स्थगित कर दी है और वापस आ रहे चौथे दल के साथ रविवार को गुंजी पहुंच गया। छठे दल के अन्य सभी यात्री रविवार को तिब्बत में प्रवेश कर गए हैं। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार ऐश कुमार को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। यात्री को नाभीढांग से लौटा दिया गया। नियंत्रण कक्ष के अनुसार यात्री का इलाज चल रहा है। उनके स्वास्थ्य में सुधार है।