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अग्निकांड में सेवानिवृत्त ऑर्नरी कैप्टन की मौत

Fri, 18 May 2018 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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देवलथल के चौपाता में आग से जलता मकान - फोटो : अमर उजाला
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उप तहसील देवलथल के चौपाता गांव में तिमंजिले मकान में लगी आग में सेवानिवृत्त ऑर्नरी कैप्टन की जलने से मौत हो गई। आग से पूर्व सैनिक का तिमंजिला मकान और सारा घरेलू सामान भी जल गया। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। दुर्घटना में पांच लाख के आभूषण समेत 25 लाख का नुकसान हुआ है।

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शुक्रवार तड़के तीन बजे गांव के भाड़ी तोक में सेवानिवृत्त ऑर्नरी कैप्टन दरबान सिंह (75) के तिमंजिले मकान मेें आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने लकड़ी के बने मकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना के वक्त घर के अलग-अलग कमरों में पूर्व सैनिक, पत्नी भागीरथी, बेटा राजेंद्र सो रहे थे। आग की लपटें भागीरथी के कमरे तक पहुंची तो उनकी नींद टूटी। उन्होंने बेटे राजेंद्र को मदद के लिए पुकारा। इसके बाद राजेंद्र आग की लपटों के बीच मां को लेकर बाहर निकला। तब तक भड़की आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पूर्व सैनिक मकान के भीतर ही फंस गए। उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका।

इधर, आग का पता चलते ही गांव में अफरा-तफरी फैल गई। ग्रामीण मदद के लिए मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। आग पर काबू पाने के साथ ही पुलिस ने मकान के भीतर जाकर रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन तब तक पूर्व सैनिक पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस को मौके से पूर्व सैनिक का कंकाल बरामद हुआ। इस दुर्घटना में लकड़ी का बना तिमंजिला मकान जल गया। साथ ही घर में रखे पांच लाख के आभूषण, नकदी और घरेलू सामान भी जल गया। दुर्घटना में 25 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ। पीड़ित परिवार के पास अब सिर छुपाने को छत नहीं बची है।
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वहीं, इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव में दिनभर शोक-संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा। थानाध्यक्ष भगवान गिरी गोस्वामी ने बताया कि दुर्घटना के बीच आग से बचने की कोशिश में भागीरथी (70) भी घायल हुई। हालांकि हालत खतरे से बाहर है। दरबान सिंह के शव का मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया गया। थानाध्यक्ष ने शॉट-सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है। दरबान सिंह यहां पत्नी और बेटे के साथ रहते थे। बेटा राजेंद्र टैक्सी चलाता है। उसका परिवार पिथौरागढ़ में रहता है, जबकि दो बेटे फौज में हैं।

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