मुनस्यारी/नाचनी/पिथौरागढ़। जिले में शुक्रवार रात मूसलाधार बारिश हुई। इससे सात सड़कें बंद हो गईं। मुनस्यारी में पानी की योजनाएं भी ध्वस्त हो गईं। एसडीएम कार्यालय के पास सिंचाई विभाग की कुछ दिन पूर्व ही बनाई दीवार ध्वस्त हो गई है। बांसबगड़ में सुरक्षा दीवार गिरने से झूला पुल को खतरा हो गया है, जबकि खेतभराड़ में नदी के कटाव से पंचायत घर खतरे की जद में आ गया है। सुरिंगगाड़ में बनाया लकड़ी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया। इससे पांच हजार से अधिक की आबादी अलग-थलग पड़ गई है।
मुनस्यारी तहसील क्षेत्र में शुक्रवार रात 96 मिमी बारिश हुई। इससे कई स्थानों पर भूस्खलन हो गया। मलबा गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क रातापानी, बनिक, पातलथोड़ और मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग मदकोट से बरम के बीच मलबा आने से बंद हो गया। मुनस्यारी-घोरपट्टा-डाडाधार मोटर मार्ग कई जगहों पर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। दरांती-खसिया बाड़ा, दरांती-दुम्मर मोटर मार्ग पिशमिया के पास ध्वस्त हो गया। ग्राम आलम में उत्तम सिंह पुत्र स्व. केशर सिंह के घर का आंगन भूस्खलन से ध्वस्त हो गया। भवन को खतरा होने से परिवार के सदस्य डरे सहमे हैं। मुनस्यारी तहसील की सुरिंगगाड़ नदी में बनाया लकड़ी का अस्थायी पुल भी बह गया है। इस नदी में बना लोहे का पुल 2018 में आई आपदा में बह गया था। इसके बाद लोनिवि ने लकड़ी का पुल बनाया, वह पुल भी नदी का जल स्तर बढ़ने से बह गया है। कुलथम, दुम्मर, तल्ला दुम्मर, मल्ला दुम्मर, जिमिघाट, ढीलम, कुलथम, फल्यांटी, धापा सहित अन्य गांवों की पांच हजार की आबादी अलग-थलग पड़ गई है। नदी के उफान पर आने और आवागमन का कोई साधन न होने पर स्थानीय लोगों ने शनिवार को बिजली परियोजना का निर्माण कर रही एक कंपनी से लोहे की सीढ़ी मांगी। इसके बाद जान जोखिम में डालकर आवाजाही की। लगातार हो रही बारिश से भूकटाव होने से झूला पुल की सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हो गई। इससे पुल को खतरा पैदा हो गया है। यह झूलापुल राया, बजेता, डुंगरी तीन गांवों को जोड़ता है। लोनिवि के जेई योगेश चौबे ने बताया कि जलस्तर कम होने पर ही सुरक्षा दीवार लगाई जा सकती है।
पिथौरागढ़ जिले की यह सड़कें बंद
मदकोट-दारमा, पौड़ी-घटकूना, बंगापानी-जाराजिबली, नाचनी-भैंसकोट, मसूरीकांडा-होकरा, बांसबगड़-गूठी, तेजम-शामा-कपकोट।
पानी और बिजली की समस्या भी पैदा हुई
मुनस्यारी। मूसलाधार बारिश के कारण तमाम सड़कों के साथ ही पेयजल लाइनें भी ध्वस्त हुई हैं। मुनस्यारी नगर में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से शनिवार को लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जल संस्थान के जेई गजेंद्र मनोला ने बताया कि पेयजल लाइनों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। शीघ्र जलापूर्ति सुचारु कर ली जाएगी। मानसून काल में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। बिजली की आंखमिचौली से क्षेत्रवासी परेशान हैं।
कीचड़ में फंसा ट्राला डेढ़ घंटे ठप रहा यातायात
नाचनी। थल मुनस्यारी सड़क रातिगाड़ में कीचड़ से सनी है। यहां पर लगातार वाहन फंस रहे हैं। थल को ओर आ रहा एक ट्राला दिन में दो बजे कीचड़ में फंस गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जो मुश्किल से साढ़े तीन बजे खुल पाई। रातीगाड़ नाले में भारी मलबा आ रहा है। करीब 30 मीटर तक कीचड़ के कारण वाहन फंस रहे हैं।
नया बस्ती के समीप आ रहा लगातार मलबा
नाचनी। थल-मुनस्यारी सड़क में नयाबस्ती में लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। शुक्रवार रातभर सड़क बंद रही। शनिवार को कुछ समय के लिए सड़क खुली इसके बाद फिर भारी मात्रा में पहाड़ी से मलबा आ गया। इसके चलते फिर यातायात बंद रहा। वहां डोजर ऑपरेटर जमन सिंह के अलावा कोई भी कर्मचारी नहीं है। एक ऑपरेटर के पास दो डोजर हैं। एक डोजर नया बस्ती और एक रातिगाड़ में रखा गया है। एक ही ऑपरेटर होने से नया बस्ती सड़क खोलने के बाद डोजर ऑपरेटर रातिगाड़ सड़क खोलने जाता है। विभाग ने हेल्पर भी नहीं दिया है। जमन सिंह ने अपने स्तर से एक हेल्पर रखा है। नया बस्ती में गिरते बोल्डरों के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क खोली जाती है। विभागीय इंजीनियर न होने से सड़क खुलने में अव्यवस्थाएं रहती हैं।
जान जोखिम में डालकर कर रहे आवाजाही
नाचनी। ग्राम पंचायत राया, बजेता, डुंगरी को बांसबगड़ से जोड़ने वाला एकमात्र पैदल मार्ग पिछले वर्ष छह सितंबर से ध्वस्त है। आपदा के 11 महीने बीतने पर भी इस मार्ग पर कोई कार्य नहीं किया गया है। पीडब्लूडी ने इस रास्ते पर बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली है। तीनों गांवों के लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गजेंद्र सिंह ने कहा है कि यदि विभाग शीघ्र मार्ग का सुधार नहीं करता है तो ग्राम पंचायत राया के तोक गोलगांव में बेमियादी धरना प्रदर्शन करेंगे।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में थल-मुनस्यारी सड़क में रातीगाड़ के पास जाम में फंसे वाहन। संवाद- फोटो : PITHORAGARH