मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। आपदा ने मुनस्यारी की गर्भवतियों और मरीजों की दिक्कत बढ़ाई है। दो महीने से बंद सड़क और दरकते पहाड़ों के बीच जिला मुख्यालय से रेडियोलॉजिस्ट मुनस्यारी नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में गर्भवतियों और मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए 120 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है।
मुनस्यारी सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन है, लेकिन यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यहां के मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगाना मजबूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महीने में एक बार जिला मुख्यालय से रेडियोलॉजिस्ट भेजकर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की थी। आपदा काल में बीते दो महीने से रेडियोलॉजिस्ट मुनस्यारी नहीं पहुंच सके और गर्भवतियों, मरीजों को फिर से अल्ट्रासाउंड के लिए भटकना पड़ रहा है। मरीज और गर्भवतियां किसी तरह जान जोखिम में डालकर 120 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंच रहीं हैं, तब उनकी जांच हो रही है। संवाद
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मौसम का साथ मिला तो 22 को पहुंचेंगे रेडियोलॉजिस्ट
मुनस्यारी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रेडियोलॉजिस्ट के मुनस्यारी न पहुंचने से अल्ट्रासाउंड ठप रहे। अब 22 सितंबर को रेडियोलॉजिस्ट सीएचसी मुनस्यारी पहुंचकर गर्भवतियों और मरीजों के अल्ट्रासाउंड करेंगे। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के साथ ही गर्भवतियों और अन्य मरीजों की नजर मौसम पर टिकी है।
गर्भवतियों को मिलेगी प्राथमिकता
मुनस्यारी। महीने में सिर्फ एक बार अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने से भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में विभाग ने गर्भवतियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। गर्भवतियों की संख्या कम होने पर अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड होगा। गर्भवतियों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड होगा।
कोट
आपदाकाल में दो महीने अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। 22 सितंबर को रेडियोलॉजिस्ट यहां पहुंचेंगे। गर्भवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। - डॉ. गौरव कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, मुनस्यारी।