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जिले में आशाओं की हड़ताल से गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो पाना मुश्किल

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टनकपुर में धरना-प्रदर्शन करती आशा वर्कर। - फोटो : TANAKPUR
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पिथौरागढ़/चंपावत। आशाओं की हड़ताल गर्भवती महिलाओं पर भारी पड़ रही है। हड़ताल के कारण गर्भवती महिलाओं की जांच और सुरक्षित प्रसव का कार्य भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गर्भवती महिलाओं को कोरोना टीका लगाने का अभियान भी खटाई में पड़ गया है।
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इन दिनों 12 सूत्री मांगों के लिए आशा कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं। पिथौरागढ़ जिले में आशाओं की हड़ताल से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर जांच करती हैं। प्रसव पीड़ा होने पर नजदीकी अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा भी आशा कार्यकर्ताओं पर है।
आशाओं के हड़ताल पर होने से ये कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। हड़ताल का खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। विटामिन ए की दवा नहीं बंट सकी है। एक साल तक के दिव्यांग बच्चों की सर्वे रिपोर्ट बनाने का काम भी ठप है।
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अगस्त में कृमि दिवस होना भी संभव नहीं लग रहा है। लोगों का कहना है कि इनकी हड़ताल पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। ठीक यहीं स्थित चंपावत जिले में बनी हुई है। यहां भी आशाओं की हड़ताल के चलते गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
आशा कार्यकर्ताओं ने पिथौरागढ़ में किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। अपनी 12 सूत्री मांगों के लिए आशाओं ने बुधवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में गांधी चौक में प्रदर्शन किया। धरना देने वालों में मूनाकोट की ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला सौन, राजेश्वरी जोशी, विमला खड़ायत, मालती चंद, लक्ष्मी धामी, हेमलता सौन, लीला जोशी, बसंती सौन आदि रहीं।
कनालीछीना, देवलथल, गंगोलीहाट सहित जिले के सभी स्थानों में आशाओं ने धरना, प्रदर्शन किया। कनालीछीना में निर्मला पाल, गीता देवी, राजेश्वरी जोशी, मानवती देवी, माधवी चौहान, हंसी जोशी, रेनू दिगारी, जानकी पंत, उषा बिष्ट, भागीरथी दिगारी, रेखा सिरोला, भावना सामंत शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री जी आशाओं से किया वादा तो निभाओ...
चंपावत/टनकपुर। जिला मुख्यालय में आशा संगठन की ओर से 12 सूत्री मांगों को लेकर दसवे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में एकजुट हुई आशाओं ने एक दिन पूर्व मुख्यमंत्री के साथ संगठन की वार्ता के बाद भी कोई समाधान न निकलने पर मुख्यमंत्री जी आशाओं से किया वादा तो निभाओ के नारे लगाए। आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण जहां गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य क्रियाकलापों में असर पड़ने लगा है।
बुधवार को कार्य बहिष्कार करने वालों में हेमा जोशी, रुकमणि जोशी, संगीता, निर्मला, मंजू, उमा, तनुजा, उषा, लक्ष्मी, नीरू, राखी, कमला आदि रहीं। टनकपुर की आशा कार्यकर्ता भी बेमियादी कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन पर डटी है। उन्होंने संयुक्त चिकित्सालय परिसर में बुधवार को भी धरना दिया। इनमें लीला ठाकुर, पूनम सक्सेना, पुष्पा चौहान, कमला, रेखा वाल्मीकि, राखी कुंवर, सुमन लेखक, मोहनी जुकरिया आदि रहीं।
16 अगस्त को जिला मुख्यालय में निकलेगी रैली
चंपावत। आशा संगठन की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में 16 अगस्त को जिला मुख्यालय में रैली निकाली जाएगी। इसके लिए आशा संगठन की ओर से जिला बाल कार्यक्रम अधिकारी से अनुमति ली है।
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