फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरयू नदी में खनन रोकने की मांग को ग्रामीणों का प्रदर्शन

विज्ञापन
पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में सरयू नदी में खनन बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
पिथौरागढ़। सरयू नदी से उपखनिज निकासी के लिए खनन कारोबारियों ने नदी के बीचोंबीच सड़क बना डाली है। इससे आक्रोशित राड़ीखूटी, खड़कूभल्या, उपरतोला के ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन से खनन कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शीघ्र कार्रवाई न होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन कर सामूहिक जल समाधि लेने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

कलक्ट्रेट में एकत्र ग्रामीणों ने खनन कारोबारियों के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि खनन कारोबारियों ने खनन के लिए सरयू नदी के बीच में सड़क बना डाली है। नदी का प्रवाह रोकने के लिए खनन कारोबारी बीच नदी में बोल्डर और मिट्टी डाल रहे हैं, इसके बाद भी प्रशासन उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। खनन के कारण सरयू नदी का जल स्तर कम होता जा रहा है। खनन कारोबारी एनजीटी के नियमों की सरेआम अनदेखी कर रहे हैं। इस कारण जलीय जंतुओं के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। खनन क्षेत्रवासियों के भविष्य के लिए भी सही नहीं है। उन्होंने डीएम से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर खनन कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जांच के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन कर वह सामूहिक जल समाधि लेेंगे। इस मौके पर पंकज सिंह रावल, रवींद्र सिंह, गगन सिंह, अर्जुन चंद, शंकर राम, दीवान सिंह, नवीन चंद, महेश सिंह, कोमल सिंह, अशोक सिंह आदि रहे।
किमखोला में भी अवैध खनन का आरोप
पिथौरागढ़। बिषाड़ के किमखोला में धड़ल्ले से अवैध खनन का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ियों को काटकर अवैध खनन करने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश नहीं लगाने पर जिला कार्यालय में धरना, प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें