प्राथमिक विद्यालय पलचौड़ा की छत उड़ने से आंगन में पठ्न-पाठन को मजबूर विद्यार्थी। स्रोत: विद्या
पिथौरागढ़। अंधड़ से क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालय पलचौड़ा में अब कक्ष विद्यार्थियों के बैठने लायक नहीं हैं। विद्यार्थियों को अब खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ेगा। एसएमसी और पीटीए की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि दोपहर एक बजे से पहले विद्यार्थियों की छुट्टी करनी होगी।
दरअसल, तीन दिन पूर्व आंधी और बारिश से राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलचौड़ा की छत उड़ने से भारी नुकसान हुआ था। अधंड से स्कूल की छत उड़ने के साथ ही बल्लियां टूट गईं। दो कक्षा कक्ष सहित प्रधानाध्यापक का कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में अब विद्यार्थियों के बैठने के लिए कक्ष नहीं हैं। इस समस्या पर बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति और शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक हुई। इसमें विद्यालय परिसर में कक्षाओं के संचालन और दोपहर एक बजे से पूर्व विद्यार्थियों को छुट्टी करने का निर्णय लिया गया।
वहीं, विद्यालय का पुर्ननिर्माण कराने, फर्नीचर, पंखे आदि सामग्री की व्यवस्था करने, अभिलेखों व दस्तावेजों को एमडीएम किचन स्टोर में रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में जीजीआईसी सल्ला चिंगरी की प्रधानाचार्य दीपिका गर्ब्याल, महेश चंद पांडे, पलचौड़ा के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार गंगवाल, एसएमसी अध्यक्ष गंगा देवी, प्रधान सावित्री देवी, कमला देवी आदि थे। संवाद