फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: धारचूला सीएचसी से फिर हुई गर्भवती हायर सेंटर रेफर, रास्ते में हुआ प्रसव

Fri, 16 Jan 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
कनालीछीना के बंदरलीमा में 108 एंबुलेंस में नवजात के साथ मौजूद परिजन। स्रोत:परिजनकनालीछीना के बं
विज्ञापन
पिथौरागढ़/धारचूला। जिले के सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर कर इनकी जान आफत में डालने पर रोक नहीं लग पा रही है। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी प्रसव कराने से हाथ पीछे खींचते हुए गर्भवतियों को गंभीर बताकर हायर सेंटर रेफर करते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। हर रोज सामने आ रहे ऐसे मामले सभी को डरा रहे हैं। धारचूला सीएचसी से फिर गर्भवती का प्रसव कराने से मना कर इसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। तबीयत बिगड़ने पर 108 आपातकालीन कर्मियों ने सड़क किनारे जंगल के बीच एंबुलेंस में इसका सुरक्षित प्रसव कराते हुए जच्चा-बच्चा की जान बचाई।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक बीते बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा से जूझते हुए खेला की 22 वर्षीय जानकी देवी को परिजन सीएचसी लाए। यहां गर्भवती को दो घंटे अस्पताल में रखकर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराने से हाथ पीछे खींच लिए। इसे हायर सेंटर रेफर कर जिम्मेदारी निभा दी गई। परिजन इसे 108 एंबुलेंस से जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। देर रात नौ बजे के करीब कनालीछीना के बंदरलीमा के पास पहुंचते ही इसकी तबीयत बिगड़ गई। ऐसे में 108 कर्मियों ने इसकी जान बचाने के लिए एंबुलेंस में प्रसव कराने का निर्णय लिया।
प्रवीन सिंह क्षेत्री और पुष्कर सिंह ने रात में कड़ाके की ठंड में जंगल के बीच सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराकर स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोली। 108 कर्मियों ने गर्भवती का प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान भी बचाई। गर्भवती ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। नए साल के पहले महीने में अब तक धारचूला सीएचसी से प्रसव कराने से मना कर गर्भवती को हायर सेंटर रेफर करने का यह दूसरा मामला है। अन्य अस्पतालों के भी यही हाल हैं। सभी सुविधाएं और स्वास्थ्य कर्मी होने के बाद भी गर्भवतियों को प्रसव के लिए हायर सेंटर रेफर कर इनकी जान आफत में डाली जा रही है लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

बगैर जांच के ही कह दिया पानी की कमी
जिस गर्भवती को धारचूला सीएचसी से रेफर किया गया, इसका एक महीने पहले ही अल्ट्रासाउंड हुआ था। जिला मुख्यालय में हुए अल्ट्रासाउंड में तब विशेषज्ञों ने सबकुछ ठीक होने की रिपोर्ट जारी की थी। जब गर्भवती को प्रसव के लिए सीएचसी ले जाया गया तो यहां बगैर जांच के ही पानी की कमी बताकर इसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इस बदहाल व्यवस्था के चलते गर्भवती को सड़क किनारे एंबुलेंस में प्रसव कराना पड़ा। संवाद

कोट-प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती में पानी की कमी थी। ऐसे में इसे हायर सेंटर रेफर किया गया। गर्भवतियों का अस्पताल में प्रसव कराना प्राथमिकता रहती है। गंभीर हालत में ही इन्हें रेफर किया जाता है। - राजेश सिंह गुंज्याल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, धारचूला
कोट
कोट-गर्भवती को गंभीर बताकर सीएचसी धारचूला से रेफर किया गया। तबीयत बिगड़ने पर 108 कर्मियों ने सड़क किनारे एंबुलेंस में इसका सुरक्षित प्रसव कराया। आपातकालीन सेवा के सभी कर्मी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं। - भाष्कर शर्मा, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा, पिथौरागढ़
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें