पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा के 12 वें दल के यात्रियों का पर्यटक आवास गृह पहुंचने पर केएमवीएन के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने यात्रियों को फूल माला पहनाकर और जूस पिलाकर स्वागत किया। यात्रियों ने बाद में शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की।
यात्रियों को गुरुरानी ने छत्तीसगढ़ की भाषा में हिमालय बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलाई। यात्रियों को कालापानी, नाभीढांग और ज्योलिंगकांग में रोपण के लिए भोजपत्र के पौधे दिए गए। यात्रियों से उच्च हिमालयी क्षेत्र में पड़े हुए कूड़े को एकत्र कर वापसी में धारचूला में उसका निस्तारण करने का अनुरोध किया गया। यात्रियों ने भरोसा दिलाया कि वह हिमालय को कूड़ा मुक्त करने में पूर्ण सहयोग देंगे।
यात्रियों ने हिमालय बचाने के लिए गुरुरानी की पहल की सराहना की। दल में 15 महिलाएं और 17 पुरुष शामिल हैं। दल में 27 यात्री छत्तीसगढ़ के हैं। दल के कोऑर्डिनेटर चंदन राणा और भगवान सिंह रावत हैं। गुरुरानी ने बताया कि रविवार को 11 वें दल के यात्रियों ने 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ज्योलिंगकांग में भोजपत्र के पौधे रोपित किए। संवाद