मूनाकोट(पिथौरागढ़)। विधानसभा चुनाव 2022 में डीडीहाट भी राज्य की हाट सीटों में शुमार है। बीते चुनावों में देखा गया है कि विधानसभा सीट पर कब्जा जमाने में मूनाकोट के मतदाताओं की भूमिका अहम रही है। मूनाकोट से अधिकाधिक वोट हासिल करने से प्रत्याशी की राह काफी हद तक आसान हो जाती है। इस बार डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा, कांग्रेस, आप, यूकेडी, सपा के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। देखना दिलचस्प होगा कि मूनाकोट के 70 गांवों के करीब 11000 मतदाता किस पर विश्वास जताते हैं।
2007 के विधानसभा चुनाव में जिले में पांच विधानसभा सीटें थी। 2012 में हुए चुनाव में परिसीमन के बाद कनालीछीना विधानसभा सीट समाप्त हो गई। इस सीट का कुछ हिस्सा डीडीहाट और कुछ गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में समाहित हो गया।
2012 के विधानसभा चुनाव में डीडीहाट विधानसभा सीट में 115 मतदान केंद्र थे। इस चुनाव में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, नेकपा, उरमो और निर्दलीय को मिलाकर सात प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में मूनाकोट ब्लॉक के सभी 30 मतदान केंद्रों में भाजपा को 399 डाक मतपत्रों को मिलाकर 5415 मत मिले। 113 डाक मतपत्रों के सहित 1939 मतों के साथ बसपा द्वितीय और कांग्रेस 1901 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
2017 के चुनाव में भी डीडीहाट विधानसभा के 132 मतदान केंद्रों में 50933 लोगों ने मतदान किया। इसमें डाक मत पत्रों की संख्या 1130 रही। इस चुनाव में मूनाकोट के सभी 30 मतदान केंद्रों में भाजपा को 5390, निर्दलीय को 2664 और कांग्रेस को 2586 मत मिले। यूकेडी के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी को पूरी विधानसभा सीट में महज 2843 मत मिले। इस चुनाव में बसपा सहित छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे।
2012 में डीडीहाट विधानसभा सीट में हार जीत का अंतर 10617 मतों का रहा था। इसमें भाजपा को 3514 मतों की बढ़त अकेले मूनाकोट से मिली। 2017 के चुनाव में भी हार जीत का अंतर 2368 मतों का रहा। इसमें भी भाजपा को सबसे अधिक बढ़त मूनाकोट ब्लॉक से 2726 मतों की मिली। पुराने दोनों चुनावों से पता लगता है कि डीडीहाट सीट में मूनाकोट के मतदाताओं का अहम योगदान है। संवाद