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Pithoragarh News: पहाड़ सी जिंदगी को सरल बनाने की पीएम दौरे से जगी उम्मीद

Sat, 07 Oct 2023 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ जिला सभागार में जनप्रतिनिधियों और होटल एसोसिएशन के साथ बैठक करती डीएम रीना जोशी। स्रो
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पिथौरागढ़। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अभी भी पहाड़ सा जीवन जी रहे चीन और नेपाल सीमा से सटे गांवों के ग्रामीणों को पीएम मोदी के पिथौरागढ़ दौरे से काफी उम्मीद हैं। विशेषकर वाइब्रेंट विलेज योजना में चयनित गांवों के लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कोई सौगात दे सकते हैं।
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भारत सरकार चीन और नेपाल सीमा से सटे गांवों को दोबारा बसाने के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की है। शुरूआत में इस योजना के तहत व्यास घाटी के गुंजी गांव को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। यहां अस्पताल के लिए पूर्व में धन भी स्वीकृत हो गया है।
इसके अलावा व्यास वैली के छह अन्य गांव बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, रोगकांग, नाबी, कुटी गांव को विकास की दरकार है। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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मुनस्यारी की जोहार घाटी के 13 गांव मिलम, बूर्फू, बिल्जू, मर्तोली, ल्वां, खिलांच, टोला, मापा, गनघर, रिलकोट, पांछू गांव भी मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं।
वर्तमान में बीआरओ इस घाटी के गांवों के लिए सड़क का निर्माण कर रही है, लेकिन अभी छह किमी सड़क का कार्य बचा हुआ है।दारमा और चौदास घाटी के 14 -14 गांवों को भी विकास की दरकार है।
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सेना और आईटीबीपी के भरोसे स्वास्थ्य सेवा
पिथौरागढ़। चीन और नेपाल सीमा में देश की सरहदों की रक्षा कर रही सेना, आईटीबीपी, एसएसबी के भरोसे सीमांत के लोगों का स्वास्थ्य है। ज्यादा दिक्कत होने पर उन्हें मुनस्यारी या धारचूला पहुंचना पड़ता है। रास्ते दुर्गम होने और कई स्थानों पर सड़क नहीं होने से लोग समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। संवाद
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