पिथौरागढ़ के पुराना बाजार में होली की चीर बंधन के समय मौजूद लोग
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रविवार को होलाष्टक पर्व पर पिथौरागढ़ नगर के पुराना बाजार और गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में होली की चीर का बंधन हो गया। इसी के साथ दोनों स्थानों पर होली गायन भी शुरू हो गया है। अन्य गांवों में जहां पर भी होली की चीर बांधी जाती है, वहां पर रंगभरनी एकादशी के दिन चीर बंधेगी। रंगभरनी एकादशी आठ मार्च को है। होलिकादहन 12 मार्च की रात होगा और 13 मार्च को छरड़ी मनाई जाएगी।
जिला मुख्यालय में पुराना बाजार होली समिति कई वर्षों से होलाष्टक पर चीर बंधन करती आई है। इसके लिए बाकायदा हर साल होली से पहले समिति का गठन किया जाता है। पुराना बाजार के चौक में होली की चीर बांधने के साथ ही धूनी भी जला दी गई है। चीर बंधन के लिए एक पौधा रोपा जाता है। पंडित विनोद पांडे ने पूजा अर्चना कर चीर बंधन किया। सबसे पहले चीर का धागा समिति के अध्यक्ष त्रिभुवन साह ने बांधा। उसमें आसपास के लोग चीर के धागे लगाएंगे। शाम से इस स्थान पर होली गायन शुरू हो गया। चीर बंधन के समय राकेश साह, रमेश लाल, कवींद्र, रोहित, दलीप थापा, सूरज जंग, विनोद बहादुर, अभिषेक टम्टा, महेश बहादुर, दिनेश पंत, जितेंद्र माहरा समेत अन्य लोग थे।
गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में परंपरागत तरीके से चीर बंधन हुआ। पंडित दीप पंत और पंकज पंत ने मंत्रोच्चारण के साथ चीर बंधन कराया। महाकाली मंदिर परिसर में यह चीर देवी के नाम पर बांधी जाती है। शुरुआत में देवी, देवताओं की स्तुति वाले होली गीत गाए जाएंगे। अन्य गांवों के लोग भी होली टीम के साथ मंदिर में पहुंचेंगे। चीर बंधन के साथ ही यहां भी होली गायन शुरू हो गया है।