पिथौरागढ़। सीमांत जिला मुख्यालय के लोगों को पिथौरागढ़ नगरीय पेयजल और सीवेज योजना का इंतजार है। एक हजार करोड़ रुपये की यह योजना का कार्य अंतिम चरण में है। इस योजना से जहां पेयजल वितरण व्यवस्था दुरुस्त होगी, वहीं सीवेज योजना का लाभ भी लोगों को मिलेगा।
वर्षों पहले नगर में सीवेज लाइन तो डाली गई लेकिन सड़क किनारे मकान वाले लोगों को ही इसका फायदा मिला। गलियों में लोग अभी भी योजना का इंतजार कर रहे हैं। उत्तराखंड शहरी विकास विभाग की ओर से लोगों को समस्या से निजात दिलाने के लिए एक हजार करोड़ की लागत से पिथौरागढ़ नगरीय पेयजल और सीवेज योजना बनाई गई। इसकी सुपरविजन कंपनी टाटा कंसलटेंसी है। इसमें 500 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल वितरण व्यवस्था और इतनी ही लागत से सीवेज का कार्य किया जाना है।
सीवेज में रई और निराड़ा में 5 और 1.5 एमएलडी क्षमता के दो टैंक बनने हैं। साथ ही मोहल्लों में सीवेज लाइन भी बिछाई जाएगी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि घाट पंपिंग पेयजल योजना में ऑलवेदर रोड के अलावा जो पानी की 11 किमी लंबी पुरानी पाइप लाइन बची है उसे बदला जाना है।
साथ ही आंवलाघाट में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना है। घाट और रई में पंप हाउस का जीर्णोद्धार किया जाना है। ठुलीगाड़ में आईवेल और थरकोट पंपिंग पेयजल योजना के आईवेल से नगर के लिए पाइप लाइन बिछाई जानी है। इस योजना का कार्य अब अंतिम चरण में बताया जा रहा है। यदि शहरी विकास विभाग की यह कवायद रंग लाती है तो यहां के लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। संवाद
128 किमी लंबी नई पेयजल लाइन बिछेगी
पिथौरागढ़। नगरीय पेयजल योजना के तहत पीडब्ल्यूडी-बजेटी, नगरपालिका, मिशन और हनुमान मंदिर स्थित पेयजल टैंक का विस्तारीकरण होगा। ईई जल संस्थान सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर में पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 128 किमी लंबी लाइन बिछनी है। यह पेयजल लाइन 65 एमएम की होगी। इससे छोटी पेयजल लाइन नहीं बिछाई जाएगी। संवाद