पिथौरागढ़। टनकपुर एनएच पर भारी वाहनों की आवाजाही थमने से रोडवेज सेवा लड़खड़ा गई है। इस रूट पर बसों का संचालन ठप है और पिथौरागढ़ डिपो से वाया अल्मोड़ा सिर्फ छह बसें संचालित हो रही हैं। बसों का संचालन ठप रहने से यात्री बेबस हैं और उन्हें टैक्सी में ऊंचा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से टनकपुर, देहरादून, दिल्ली, बरेली, गुरुग्राम सहित अन्य रूटों पर हर रोज 18 बसों का संचालन होता है। बीते 10 सितंबर से टनकपुर एनएच बंद होने से इस रूट पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप है। वाया अल्मोड़ा सिर्फ छह बसें संचालित हो रही हैं और 12 बसों के पहिए पूरी तरह जाम हैं इसकी सीधी मार यात्रियों को सहनी पड़ रही है। बसों का संचालन ठप रहने से यात्री टैक्सी में सफर करने के लिए मजबूर हैं। इसी बात का फायदा टैक्सी संचालक उठा रहे हैं। टनकपुर का मनमाना किराया वसूला जा रहा है। दिल्ली से आ रहे कनालीछीना के कैलाश कुमार ने कहा कि टनकपुर से पिथौरागढ़ के लिए बस नहीं मिली। टैक्सी में 200 रुपये अधिक किराया देना पड़ा। संवाद
निगम को झेलना पड़ा है 50 लाख का नुकसान
पिथौरागढ़। बसों के पहिए न घूमने से निगम को भी नुकसान झेलना पड़ा है। हर रोज रोडवेज बसों में टनकपुर रूट पर तीन हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। बीते 10 दिनों से इस रूट पर बसों का संचालन ठप हैं। बसें रोडवेज स्टेशन में खड़ी हैं इससे निगम को अब तक 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
टनकपुर रूट पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। निश्चित तौर पर यात्रियों को टैक्सी में सफर करना पड़ रहा है। निगम को खासी चपत लगी है। सड़क खुलते ही इस रूट पर बसों का संचालन होगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़।