पिथौरागढ़। सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा और आदि कैलाश को जोड़ने वाले पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर पानी निकासी के लिए बने कई कलवर्ट गायब हैं। कई कलवर्ट सड़क चौड़ीकरण के दौरान बंद हो गए। इन्हें खोला नहीं गया। कुछ कलवर्ट के ऊपर अतिक्रमण हुआ है। इससे पानी की उचित निकासी नहीं हो रही है और जगह-जगह जलभराव होने से भू-कटाव भी हो रहा है।
पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे चीन सीमा को जोड़ता है। इसी हाईवे से सैनिकों के साथ ही आदि कैलाश, कैलाश मानसराेवर यात्रियों की आवाजाही होती है। करीब आठ साल पूर्व इस प्रमुख हाईवे का चौड़ीकरण हुआ। सड़क की सुरक्षा के साथ ही भूकटाव को रोकने के लिए बेहद जरूरी पानी की निकासी के लिए बने कलवर्ट चौड़ीकरण के दौरान बंद कर दिए जो परेशानी का कारण बन रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने जाजरदेवल से कनालीछीना तक 20 किलोमीटर दायरे में इस सड़क पर बने कलवर्ट को लेकर पड़ताल की। मानकों के अनुसार सड़क के एक किलोमीटर दायरे में छह से सात कलवर्ट होने चाहिए लेकिन सिर्फ तीन से चार कलवर्ट ही मौजूद हैं।
मलबा डालकर अधिकतर कलवर्ट को बंद कर दिया है। कई कलवर्ट अतिक्रमण की जद में हैं। कलवर्ट बंद होने से बारिश के पानी की उचित निकासी नहीं हो रही है। नैनीपातल, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना सहित अन्य कई हिस्सों में सड़क पर जलभराव होने से स्थानीय लोगों के साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन स्थानों पर सड़क तालाब में तब्दील हो रही है और भूकटाव हो रहा है। संवाद
खेतों में घुस रहा पानी फसल को कर रहा बर्बाद
पिथौरागढ़। पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना में कलवर्ट बंद होने से सड़क पर भरा पानी खेतों में घुस रहा है। बारिश में तेज प्रवाह से खेतों में पहुंचा पानी फसलों को बर्बाद कर रहा है। इससे किसान परेशान हैं। सतगढ़ के पास बीआरओ ने सड़क के किनारे उगी घास और मिट्टी को हटाकर औपचारिकता निभाई है। खेतों में घुस रहे पानी को रोकने के उचित इंतजाम नहीं किए हैं।