पिथौरागढ़। आखिरकार जर्जर हो चुके जीआईसी तेजम के सुधारीकरण की उम्मीद जगी है। जल्द ही विभागीय टीम विद्यालय की सुध लेने पहुंचेगी और इसके सुधारीकरण का आंगणन जल्द तैयार होगा।
ढाई दशक पूर्व उच्चीकरण के बाद भी जीआईसी तेजम का नया भवन नहीं बना है। पुराने जर्जर भवन में 135 विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे हैं। विद्यालय की छत टपकने से कक्ष तालाब में तब्दील हो रहे हैं और विद्यार्थियों को एक कोने में पानी से बचते हुए कुसी-मेज लगाने पड़ रहे हैं। छत पर लगीं बल्लियां सड़ने से इनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने बीते छह जुलाई के अंक में विद्यार्थियों की परेशानी और शिक्षा विभाग की इस लापरवाही को सवाल पूछ रहा तेजम की टपकती छत वाला स्कूल शीर्षक से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली ने मुनस्यारी के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर शीघ्र विद्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग को पूर्व में विद्यालय के सुधारीकरण का आंगणन तैयार करने का अनुरोध किया है। जल्द ही इसका आंगणन तैयार कर स्कूल का सुधारीकरण किया जाएगा।