पुलिस ने नकली करेंसी के साथ पांचवें आरोपी को टनकपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व में 29 हजार की नकली करेंसी के साथ चार आरोपी बलुवाकोट से दबोचे गए थे। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी थी। आरोपियों से पूछताछ में पांचवें आरोपी का नाम सामने आया, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। दबोचे गए आरोपी से 500 के चार नकली नोट भी बरामद हुए हैं।
सीमांत जिले के बलुवाकोट में बीती पांच अप्रैल को पुलिस ने नकली भारतीय करेंसी के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें दरियागंज दिल्ली निवासी समीर उल रहमान से 500 रुपये के 14 नकली नोट, चावड़ी बाजार दिल्ली निवासी आसिफ से 500 रुपये के 15, चितलागेट चावड़ी बाजार दिल्ली निवासी शोएब के से 500 रुपये के 14 और मुनस्यारी निवासी नितिन के पास से 500 रुपये के 15 नकली नोट बरामद हुए थे।
नकली करेंसी मिलने से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई थी। नकली करेंसी के इस खेल की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस ने चारों आरोपियों से पूछताछ की तो पांचवें का नाम सामने आया। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। सोमवार को पुलिस टीम ने पांचवें आरोपी को चंपावत जिले के टनकपुर में दबिश देकर शारदा बैराज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान वसीम खान (32) निवासी सेवनपुर, थाना सहावर, जिला कासगंज (यूपी) के रूप में हुई है।
उसके पास से 500 के चार नकली नोट भी बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस अब पांचवें आरोपी से भी पूछताछ कर नकली नोटों के सरगना तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। आरोपी के पास कितनी नकली करेंसी थी और वह कितनी खपा चुका था, पुलिस इन सवालों के जवाब खोज रही है।
18 हजार में तीन युवकों को बेच दिए 40 हजार के नकली नोट
पुलिस के अनुसार यूपी निवासी पांचवें आरोपी वसीम खान की दिल्ली में कपड़े की दुकान थी। कुछ समय पूर्व तिलक नगर, गुरुद्वारा मंदिर, दिल्ली निवासी जिकउल हसन उसकी दुकान पर आया और उससे मेलजोल बढ़ाया। जब वसीम ने अपनी बहन का निकाह तय होने की बात बताई तो जिकउल हसन ने उसे 40 हजार के नकली नोट थमाए और अपना काम चलाने की बात कही। दुकान से ही संपर्क में आए तीनों आरोपियों को वसीम ने नकली नोटों के इस खेल में शामिल कर लिया।
उसने तीनों को 18 हजार रुपये में 40 हजार रुपये के नकली नोट बेच दिए। लालच में आकर तीनों युवक नकली नोट खपाने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर बलुवाकोट पहुंच गए और इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उन्होंने मुनस्यारी के स्थानीय युवक को अपने साथ शामिल कर लिया लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में पता चला किया जिकउल हसन को दिल्ली में पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और वर्तमान में वह जेल में बंद है। संवाद
नकली नोटों का मुख्य सरगना कौन, यह बड़ा सवाल
हालांकि नकली करेंसी के मामले में पांचवां आरोपी भी पकड़ में आ गया है लेकिन इस खेल का सरगना कौन है, पुलिस को यह सवाल परेशान कर रहा है। पांचवें आरोपी ने पुलिस को सिर्फ दिल्ली जेल में बंद आरोपी से नकली नोट मिलने की जानकारी दी है। नोटों की छपाई कहां हुई, दिल्ली जेल में बंद आरोपी के पास नकली करेंसी कहां से पहुंची, इस खेल में कहां के और कितने लोग शामिल हैं, फिलहाल इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।
पहले पिथौरागढ़, नेपाल और अब टनकपुर के बाजारों में घूमे नकली नोट
बलुवाकोट में बरामद नकली करेंसी के मामले में यूपी निवासी वसीम खान का नाम प्रकाश में आया था। उसे टनकपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। मुख्य आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। - गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ, पिथौरागढ़