पिथौरागढ़। जिले भर के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकों का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रवेश ले चुके छात्र-छात्राएं बिना किताबों के स्कूल पहुंच रहे हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले विभाग के पास छात्रों तक पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय रहता है, लेकिन अब तक विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
सरकार की तरफ से नए सत्र में कक्षा एक से लेकर 12 वीं तक की छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष निशुल्क पुस्तकें दी जाती हैं। नया सत्र शुरू होते ही सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें मिल जानी चाहिए, लेकिन हर साल की तरह इस साल भी छात्र-छात्राओं को अभी तक किसी भी विषय की किताबें नहीं मिल पाई हैं। किताबें कब तक आएंगी, इसका जवाब भी किसी के पास नहीं है। जानकारी के मुताबिक बुक बैंक को किताबें मिलने के बाद उन्हें संकुल प्रभारी के अधीन किया जाएगा। उनके माध्यम से ही संबंधित क्षेत्र के विद्यालयों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। उसके बाद ही छात्र-छात्राओं को किताबों का वितरण हो पाएगा। संवाद
कोट
जिले में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के लगभग 48,806 छात्र-छात्राओं के लिए 2,08,915 किताबों की मांग की गई है। किताबें उपलब्ध होते ही विद्यालयों में पहुंचा दी जाएंगी। अस्थायी व्यवस्था के तौर पर विद्यालयों में बनी लाइब्रेरी से छात्र-छात्राओं को पुरानी किताबें दी जा रही हैं। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़