नगर निगम बनते ही वार्डों के नाम पर आपत्ति
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पिथौरागढ़ नगर निगम बनने के बाद वार्डों का विस्तार होते ही इनमें नामों पर आपत्ति शुरू हो गई है। कुजौली, बस्ते, नेड़ा के लोगों ने अपने मूल गांवों के नाम पर वार्ड को पहचान देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निकाय में शामिल करने के बाद उनके गांवों का वजूद खत्म हो गया है। जिस गांव के नाम से क्षेत्र की पहचान थी उनके नाम पर ही वार्ड बनाए जाने चाहिए।
शुक्रवार को कुजौली के लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम से डिग्री कॉलेज के पहले गेट, जीआईसी गेट के आगे तक कुजौली गांव की सीमा तक राजस्व ग्राम है। यह गांव सोरघाटी के प्राचीन गांवों में शामिल है। पिछले निकाय चुनाव में इस क्षेत्र के वार्ड का नाम बदलकर जगदंबा वार्ड कर दिया गया।
उन्हें इसकी जानकारी तब मिली जब आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा खत्म हो गई। अब पालिका को निगम का दर्जा देने के बाद जगदंबा वार्ड को दो हिस्सों में बांटा गया है। उन्होंने दोनों वार्डों को मूल गांव कुजौली के नाम से पहचान दिलाने की मांग की। चेतावनी दी कि कहा ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में भाष्कर दत्त उप्रेती, शिव दत्त उप्रेती, नितीश उप्रेती, हेमेश उप्रेती, जीवन उप्रेती, सुशीला पुनेठा, रोहित पुनेठा, देवकी पुनेठा, कविता उप्रेती, भागीरथी उप्रेती सहित कई लोग शामिल रहे।
धनौड़ा वार्ड का नाम बदलने की मांग
धनौड़ा वार्ड के लोगों ने अपने वार्ड का नाम बदलने की मांग पर ईओ नगर पालिका को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि पालिका की तरफ से वार्ड निर्धारण में धनौड़ा में दो वार्ड बनाए गए हैं इसमें धनौड़ा-एक, धनौड़ा-दो शामिल हैं। उन्होंने धनौड़ा-दो वार्ड का नाम बदलकर बास्ते नेड़ा वार्ड बनाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राजेश शर्मा, जीत शर्मा, गणेश शर्मा, शेखर शर्मा, ललित शर्मा, हरीश शर्मा, लक्ष्मी दत्त शर्मा आदि शामिल रहे।
कुछ आपत्तियां मिली हैं। आपत्तियों पर विचार किया जा रहा है। आपत्तियों के आधार पर वार्डों के नामों का निर्धारण किया जाएगा।
- राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका पिथौरागढ़।