फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिंताजनक: HIV की चपेट में युवा ही नहीं...बुजुर्ग भी, पिथौरागढ़ में 530 हैं संक्रमित मरीज; इनमें 35 वृद्ध शामिल

Fri, 03 Oct 2025 01:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

पिथौरागढ़ जिले में एचआईवी संक्रमण के मामले अब युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों में भी सामने आ रहे हैं। क्षय रोग विभाग के आंकड़ों के अनुसार 60 से 75 वर्ष की आयु के 35 बुजुर्गों में एचआईवी संक्रमण पाया गया है, जिनमें अधिकांश पुरुष हैं। 
विज्ञापन
HIV - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिथौरागढ़ जिले में युवा वर्ग के साथ बुजुर्ग भी एचआईवी से संक्रमित मिलने लगे हैं। क्षय रोग विभाग के मुताबिक 60 से 75 वर्ष के एचआईवी संक्रमित 35 बुजुर्ग चिह्नित हुए हैं। इनमें अधिकांश पुरुष हैं। इन संक्रमितों की केस हिस्ट्री खंगाली गई तो सभी शारीरिक संबंध बनाने से संक्रमित हुए हैं।

विज्ञापन


आम तौर पर युवा एचआईवी की चपेट में आते हैं। सीमांत जिले में 60 से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी इस वायरस ने अपनी जकड़ में लिया है। जिला क्षय रोग विभाग के मुताबिक, जिले में बीते नौ वर्षों में अब तक 530 एचआईवी संक्रमित चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 35 संक्रमितों की उम्र 60 से 75 साल के बीच है। 32 पुरुष जबकि तीन महिलाएं इनमें शामिल हैं, जो इलाज करा रहे हैं। विभाग ने इनके संक्रमित होने का कारण जाना। एचआईवी संक्रमित के साथ शारीरिक संबंध बनाने से ये लोग इस वायरस की जकड़ में फंस गए।

14 बच्चों को माता-पिता से मिला एचआईवी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में 14 बच्चे भी एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इनकी उम्र चार से 12 साल है। इन बच्चों को अपने माता-पिता से एचआईवी मिला है। वहीं, 478 रोगियों को एचआईवी संक्रमण शारीरिक संबंध बनाने जबकि 38 अन्य कारणों से संक्रमित हुए।
विज्ञापन


ये लक्षण दिखने पर एचआईवी की जांच जरूरी
चिकित्सकों के मुताबिक, फेफड़ों में संक्रमण, लगातार खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ, वजन कम होना, पसीना आना, छाले, उल्टी-दस्त, सिरदर्द, निमोनिया आदि लक्षण दिखने पर एचआईवी की जांच आवश्यक है।

एचआईवी संक्रमित का पता लगाने के लिए विभाग लगातार जांच कर रहा है। लोगों को इससे बचने के लिए खुद भी सतर्कता दिखानी चाहिए। लक्षण दिखने पर हर रोगी को जांच जरूर करानी चाहिए। - डॉ. ललित भट्ट, प्रभारी, क्षय रोग विभाग, पिथौरागढ़

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें