Not More Candidature For Woman in Election
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं का दबदबा रहा। इसके बावजूद विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दल महिलाओं को कम टिकट दे रहे हैं। जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। सिर्फ गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं के सापेक्ष कम है, फिर भी वहां की विधायक महिला हैं। इस विस चुनाव के लिए जिले की चारों विधानसभा सीटों से छह महिलाओं ने दावेदारी की है। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल कितनी महिलाओं को टिकट देते हैं।
वर्ष 2017 के विस चुनावों में सिर्फ भाजपा ने गंगोलीहाट विधानसभा से महिला दावेदार मीना गंगोला को टिकट दिया था। बाकी तीन सीटों पर एक भी महिला दावेदार को टिकट नहीं दिया। धारचूला छोड़ अन्य तीन विधानसभा चुनाव में सीट जीतने में भाजपा कामयाब हुई। इसमें गंगोलीहाट से पहली बार विधायक बनीं मीना गंगोला ने जिले की पहली महिला विधायक होने का गौरव पाया। कांग्रेस ने चारों सीटों पर पुरुष दावेदारों पर दांव खेला। सिर्फ धारचूला सीट से कांग्रेस के हरीश धामी जीते। बाकी तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी हारे। इस बार जिले की चार विधानसभा सीटों से छह महिलाओं ने दावेदारी की है।
पिथौरागढ़ विस सीट से भाजपा की विधायक चंद्रा पंत और जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा का दावा है। कांग्रेस से विस उपचुनाव 2019 में प्रत्याशी रहीं अंजू लुंठी ने भी इस बार दावेदारी पेश की है। गंगोलीहाट विधानसभा से भाजपा विधायक मीना गंगोला और रेलवे बोर्ड की सदस्य गीता ठाकुर ने भी दावा किया है। वर्ष 2012 में डीडीहाट से विस चुनाव लड़ चुकीं कांग्रेस नेता रेवती जोशी ने भी इस बार पार्टी से दावेदारी की है। वर्ष 2017 में उक्रांद से पिथौरागढ़ क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकीं लेफ्टिनेंट सुषमा बिष्ट माथुर ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। उन्होंने भी इस बार आप पार्टी से टिकट की दावेदारी की है।
धारचूला विधानसभा से किसी भी पार्टी ने नहीं उतारा महिला को
पिथौरागढ़। धारचूला विधानसभा से किसी भी राजनीतिक दल ने महिला को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया है। राज्य बनने के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गगन सिंह रजवार विधायक चुने गए। इसके बाद वह वर्ष 2017 में भी विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के बाद इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हरीश धामी जीतते रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हरीश रावत भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस सीट से किसी भी महिला उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया है।