चंपावत। जिले में मनोचिकित्सक का पद लंबे समय से खाली चल रहा है। जिले में मनोचिकित्सक नहीं होने से विधानसभा लोहाघाट, चंपावत के लोगों को उपचार नहीं मिला पा रहा है। मानसिक रूप से परेशान मरीजों का उपचार के लिए पिथौरागढ़, हल्द्वानी या फिर अन्य जगह जाना पड़ता है।
लोगों की कई तरह की पारिवारिक परेशानियां होती हैं। इसके अलावा युवाओं में रोजगार, परीक्षा में अच्छे अंक लाने का दबाव समेत कई समस्याएं होती हैं। इनके कारण वह अनिंद्रा, चिंता और चिड़ चिड़ेपन का शिकार भी हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक अवसाद का शिकार कम उम्र से लेकर बड़े उम्र के लोगों अक्सर देखा जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री की विधानसभा में स्थित जिला अस्पताल चंपावत समेत लोहाघाट, पाटी, टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में मानसिक समस्या से जूझ रहे लोगों का उपचार करने वाला कोई नहीं है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि लंबे समय से मनोचिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। शासन से तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है।