पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बेस अस्पताल के संचालन के लिए सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने पदों के सृजन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था लेकिन पदों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। बेस अस्पताल के नाम पर चलाई गई एक्सटेंशन यूनिट को भी कुछ समय पूर्व बंद कर दिया है जबकि दिसंबर 2021 में पिथौरागढ़ आए सीएम ने हर हाल में जनवरी 2022 से अस्पताल के संचालन के निर्देश दिए थे लेकिन अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक शासन स्तर से पदों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में अभी बेस अस्पताल के संचालन की उम्मीद नहीं है।
सीमांत जिले में 63 करोड़ रुपये की लागत से बेस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। अस्पताल भवन का 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बेस अस्पताल के नाम पर कुछ समय पूर्व एक्सटेंशन यूनिट खुली थी, लेकिन अब एक्सटेंशन यूनिट भी बंद कर दी है। बेस अस्पताल के संचालन के लिए पीएमएस, फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, न्यूरो फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, दो सर्जन, ईएनटी सर्जन, ऑर्थो सर्जन, दो आई सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, छह जीडीएमओ, छह ईएमओ, चार एलएमओ, दो गाइनो, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो निश्चेतक, एक मनोचिकित्सक, एक वरिष्ठ दंत शल्यक, एक दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, दो मैटर्न, 18 सिस्टर, 36 स्टाफ नर्स, एक प्रभारी अधिकारी फार्मेसी, पांच चीफ फार्मासिस्ट, नौ फार्मासिस्ट, तीन एलटी, दो ईसीजी टेक्नीशियन, दो एक्स-रे टेक्नीशियन, एक डार्क रूम सहायक, दो सीटी स्कैन टेक्नीशियन, दो डायलिसिस तकनीशियन, तीन नेत्र सहायक, डेंटल हाईजिनिस्ट, 15 डाटा एंट्री ऑपरेटर, एक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक प्रशासनिक अधिकारी, दो प्रधान सहायक, दो वरिष्ठ सहायक, छह कनिष्ठ सहायक, एक स्टोर कीपर, एक स्टीवर्ड, एक इलेक्ट्रीशियन, एक प्लंबर, दो वाहन चालक, चतुर्थ श्रेणी के 60 कर्मियों की जरूरत है। पिथौरागढ़ स्वास्थ्य विभाग ने पदों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। पदों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में अभी बेस अस्पताल के संचालन की कोई उम्मीद नहीं है।
बेस के संचालन के बाद लोगों को राहत
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में पिछले कई सालों से बेस अस्पताल के संचालन की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी बेस के संचालन के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पिथौरागढ़ जिला नेपाल और चीन अधिकृत तिब्बत सीमा से जुड़ा है। यहां उपचार के लिए बड़ी संख्या में रोगी आते हैं। इसके बाद भी सरकार को सीमांत के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है।
पिथौरागढ़ में बेस अस्पताल के संचालन के लिए कुछ समय पूर्व शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था लेकिन शासन से इन पदों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। - डॉ. कुंदन कुमार, एसीएमओ, पिथौरागढ़।