पिथौरागढ़। चार गांव की 57 बकरियों की खुरपका बीमारी से मौत हो गई है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने क्वीटी, बारापट्टा, क्विटी में पशु चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
तल्ला भैंसकोट, बूटी, बरा और कोट्यूड़ा में पिछले 50 दिनों से खुरपका, मुंहपका, बुखार, पेचिस से 50 बकरियों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि तल्ला भैंसकोट में 11 परिवारों की 31 बकरियां, गूटी में एक परिवार की पांच बकरियां, बरा गांव में चार परिवारों की 10 बकरियां और कोट्यूड़ा में तीन परिवार की आठ बकरियां मर गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन विभाग के अस्पताल नाचनी, तेजम, क्वीटी, बारापट्टा में चिकित्सकों के पिछले कई सालों से रिक्त चल रहे हैं। इस कारण तल्ला जोहार के 50 गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। पांखू के पशु चिकित्सक के पास इन अस्पतालों का अतिरिक्त जिम्मा है। लोगों ने शीघ्र पशु चिकित्सकों की नियुक्ति करने और बीमार पशुओं का उपचार करने की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि पशुओं के उपचार के लिए एक टीम को भेजा गया है। चिकित्सकों की नियुक्ति का मामला शासन स्तर का है। इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।